
जनपद में चलाया जा रहा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पखवाड़ा
-पीएमएमवीवाई किस्त प्राप्ति के लिए लाभार्थी कराएं अपनी केवाईसी
एटा,
पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और सही पोषण के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ कोरोना काल में भी दिया जा रहा है।व अब प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों की द्वितीय व तृतीय किश्त की पेंडेंसीज को दूर करने के लिए 31 अगस्त तक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से पखवाड़े के दौरान कैंप लगाकर क्यू करेक्शन, लंबित दूसरी व तीसरी किस्तों का निवारण किया जाएगा।
नोडल अधिकारी पीएमएमवीवाई एसीएमओ डॉक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 33272 लाभार्थियों को पंजीकृत किया जा चुका है। व 1 जनवरी 2021 से अब तक 4470 नए रजिस्ट्रेशन किए गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पखवाड़े का उद्देश पंजीकृत किए गए फॉर्म का सत्यापन, उनमें पाए जाने वाली त्रुटियों का निवारण व लंबित द्वितीय व तृतीय किस्त वाले लाभार्थियों को किस्त भुगतान करना है। यह पखवाड़ा 31अगस्त तक चलाया जाएगा। जिले में 351 पंजीकरण क्यू करेक्शन में है जिनका निवारण पखवाड़े के दौरान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में 101 दूसरी किस्त व 2933 तीसरी किस्त की पेंडेंसी है। पखवाड़े के दौरान शत प्रतिशत फॉर्म का सत्यापन आशा संगिनी, एएनएम, शहरी स्वास्थ्य समन्वयक, बीसीपीएम,बीपीएम द्वारा किया जाएगा व उन्हें पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
नोडल अधिकारी ने बताया कि पेंडेंसीज का एक मुख्य कारण केवाईसी का न होना है। राष्ट्रीय कृत बैंको का एक दूसरे में विलय होने के कारण लाभार्थियों द्वारा अपने अकाउंट की पुनः केवाईसी कराना अत्यंत आवश्यक है। जिससे आधार लिंक के माध्यम से राशि का भुगतान उन्हें किया जा सके।
प्रोग्राम की जिला कार्यक्रम सहायक ज्योति कश्यप ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य कार्य करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए आर्थिक क्षति पूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि देना और उनके उचित आराम व पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। प्रोत्साहन राशि हितग्राही के आधार से जुड़े बैंक खाते अथवा डाकघर खाते में सीधे जमा की जाती है। हितग्राही महिला को गर्भावस्था का पंजीयन शीघ्र कराने पर 1000 रुपया प्रथमकिस्त, कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (गर्भावस्था के 6 माह बाद) के बाद द्वितीय किस्त 2000रुपया तथा बच्चे के जन्म का पंजीकरण और उसके प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर 2000 रुपया की तीसरी किस्त देय होती है।