
बढ़ेगी वैक्सीनेशन की रफ्तार, वैक्सीन के लोकल ट्रायल का नियम समाप्त
भारत सरकार ने विदेशों में निर्मित अच्छी तरह से स्थापित कोरोना रोधी टीकों के लिए रास्ता खोलते हुए लोकल ट्रायल का नियम खत्म कर दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक सरकार ने यह फैसला वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने के लिए किया है. बीते 2 महीने के दौरान देश में कोरोना की दूसरी लहर की वजह से संक्रमण के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है. साथ ही 1 मई से 18+ वालों के लिए वैक्सीनेशन की शुरुआत की दी गई है. इस आयु वर्ग में वैक्सीनेशन के लिए करोड़ों की संख्या में रजिस्ट्रेशन हुए हैं. ऐसी स्थिति में जल्द बहुत बड़ी संख्या में वैक्सीन डोज की जरूरत है.
सरकारी आंकड़े के मुताबिक 130 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले देश में अब तक 3% जनसंख्या को दोनों डोज दिया जा चुका है. अब तक 20 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं जिनमें एक डोज वालों की संख्या ज्यादा है.
सरकार द्वारा आज नियमों में किए गए बदलाव के बाद फाइज़र, जॉनसन एंड जॉनसन और मॉडर्ना की वैक्सीन के लिए रास्ता खुल सकेगा. हाल में खबर आई थी कि अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइज़र अपनी वैक्सीन के 5 करोड़ डोज भारत देने को तैयार है. कंपनी का कहना है कि वो इतने डोज इस साल दे सकती है. हालांकि कंपनी ने कुछ रेगुलेटरी रिलैक्सेशन की मांग भी की है जिनमें क्षतिपूर्ति के नियम भी शामिल हैं.
वहीं मॉडर्ना ने कहा है कि साल 2022 में भारत में अपनी सिंगल शॉट वैक्सीन लॉन्च कर सकती है. इसके लिए भारत में सिप्ला और फार्मा कंपनियों के साथ बातचीत की जा रही है. 5 करोड़ डोज की सप्लाई को लेकर बातचीत चल रही है.