सरकार की अनदेखी के चलते चौथा स्तंभ खतरे में -फिर हुआ हिंदुस्तान मे पत्रकार पर प्राण घातक हमला -अपराधों की सरिता देश मे उफान पर
मीडिया हेल्पलाइन
सतना/हमारे हिंदुस्तान ने मीडिया को चौथा स्तंभ होने का मान हाशिल है किंतु केवल नाम के लिए मीडिया के लिए सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो पत्रकारों को न तो सरकार से कोई सुरक्षा मिल रही है न ही जिले के जिम्मेदार अफसरों से कोई सुरक्षा मिल रही ।अव देश मे चौथा स्तंभ पूर्ण रूप से धरासायी होने की कगार पर है आये दिन पत्रकारों से मारपीट अभद्रता करने के मामले देश के कई हिस्सों से आतीं रहती हैं किंतु सरकार सुरक्षा तो दूर की बात इसके विपरीत गांधी वन्दर की तरह न कुछ देखती है न ही सुनती है न ही बोलती है और इसी सरकार की चुप्पी की वजह से आज मीडिया का अस्तुत्य बढ़ते अपराधों के सिंधु में हमेशा के लिए समाता जा रहा है जिसके चलते आज पत्रकार देश मे न्यूज़ कवर करने से घबड़ाने लगे है आपको बता दें कि मीडिया का ये हाल देश की उस चारपाई की तरह है जो एक स्तम्भ के विना केवल तीन स्तम्भ पर टिकी है ।अब आप स्थति समझ गए होंगे कि देश मे आपराधिक अनल किस तरह प्रबल बेग से इनकी अहंकार रूपी पवन से निरंतर बढ़ती देखी जा रही है ।जी हां ऐसा कहना कोई अतिसंयोक्ति नही वल्कि शतप्रतिशत सत्य है इसी क्रम में आपको बता दें कि चौथे स्तंभ पर प्रहार का ऐसा ही मामला प्रकाश में आया सतना जनपद में जहां दैनिक भास्कर के प्रतिनिधि श्री पुष्पेंद्र कुमार पुत्र श्री रमेश चंद्र 40 कर्षीय निवासी कोटर जिला सतना मध्य प्रदेश के ऊपर जब वह बस स्टैंड के निकट दुकान पर बैठे हुए थे तभी अचानक मंगलवार की रजनी करीव 8 बजे शातिर अपराधी सोनू पयासी उर्फ उत्कल ने उनके ऊपर प्राण घातक हमला कर दिया हमला का रूप विकराल देख उन्होंने अपनी जान बचाने के उद्देश्य से मकसूद त्रिपाठी के घर की शरण ली तो शातिर वेलगाम अपराधी ने उन्हें वहां भी नही वख्सा दवंग शातिर अपराधी के हमले से पीड़ित पत्रकार के सिर पर गंभीर चोटें आयीं व उनकी आंख पर भी चोट लगी जिससे उन्हें आनन फानन चिकित्सालय इलाज हेतु भेजा गया तत्पश्चात इसकी सूचना स्थानीय थाना स्तर को दी गयी जिसको लेकर स्थानीय पुलिस ने अपराधी के खिलाफ धारा 294,324,506,व 34 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया ।
किन्तु समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की गौरतलब है कि ये अपराधी पूर्व में जेल भेजा चुका है व जिला वदर की कार्यवाही भी आरोपी पर की जा चुकी है किंतु ये फिर से जमानत पर वाहर आ गया और फिर से अपनी महाभारत शुरू कर दी है ।
और उचित कार्यवाही न होने से इन दबंगों के हौसले बुलंद है।मीडिया पर हमला का देश में कोई पहला मामला नही अब ऐसे मामले तो आम हो गए है जो आये दिन उभरकर सामने आते रहते हैं ।
यदि सरकार ने इस दिशा में ध्यान नही दिया तो देश का क्या हाल होगा सोचकर रोंगटे खड़े होते हैं ।
वही दूसरी तरफ पत्रकारों ने उचित कार्यवाही न होने पर शांति पूर्ण प्रदर्शन की चेतावनी दी है ।