सोनिया गांधी का बयान- बंगाल में खाता क्यों नहीं खुला, खुले दिमाग से सोचने की जरूरत, कोरोना पर भी चर्चा

सोनिया गांधी का बयान- बंगाल में खाता क्यों नहीं खुला, खुले दिमाग से सोचने की जरूरत, कोरोना पर भी चर्चा

आज राजधानी नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक हुई. इस बैठक में हाल ही में आए विभिन्न राज्यों के चुनाव परिणामों पर चर्चा हुई. CWC की बैठक में कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हमें खुले दिमाग से यह समझने की जरूरत है कि कांग्रेस केरल और असम में मौजूदा सरकारों को हटाने में विफल क्यों रही और पश्चिम बंगाल में खाता क्यों नहीं खोल पाई. उन्होंने कहा कि पार्टी की चुनावों में पराजय का कारण बने हर पहलू पर गौर करने के लिए छोटा समूह गठित किया जाएगा.

उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति की डिजिटल बैठक में यह भी कहा कि वह इस चुनावी हार के कारणों पर विचार करने के लिए एक छोटे समूह का गठन करना चाहती हैं. सोनिया ने कहा, हमें इन गंभीर झटकों का संज्ञान लेने की जरूरत है. यह कहना कम होगा कि हम बहुत निराशा हैं. मेरा इरादा है कि इन झटकों के कारण रहे हर पहलू पर गौर करने के लिए एक छोटे का समूह का गठन करूं और उससे बहुत जल्द रिपोर्ट ली जाए.

उन्होंने कहा, हमें इसे समझना होगा कि हम केरल और असम में मौजूदा सरकारों को हटाने में विफल क्यों रहे तथा बंगाल में हमारा खाता तक क्यों नहीं खुला? इन सवालों के कुछ असहज करने वाले सबक जरूर होंगे, लेकिन अगर हम वास्तविकता का सामना नहीं करते, अगर हम तथ्यों को सही ढंग से नहीं देखते तो हम सही सबक नहीं लेंगे. सोनिया ने कहा, जब हम गत 22 जनवरी को मिले थे तो हमने फैसला किया था कि कांग्रेस के अध्यक्ष का चुनाव जून के मध्य तक पूरा हो जाएगा. चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने चुनाव कार्यक्रम तय किया है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ये चुनाव नतीजें स्पष्ट तौर पर बताते हैं कि हमें अपनी चीजों को दुरुस्त करना होगा. गौरतलब है कि असम और केरल में सत्ता में वापसी का प्रयास कर रही कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी. वहीं, पश्चिम बंगाल में उसका खाता भी नहीं खुल सका. पुडुचेरी में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा जहां कुछ महीने पहले तक वह सत्ता में थी. तमिलनाडु में उसके लिए राहत की बात रही कि द्रमुक की अगुवाई वाले उसके गठबंधन को जीत मिली.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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