
55 साल पूर्व PM लाल बहादुर शास्त्री को तौलने के लिए दिया था 56 किलो सोना, अब सरकार को होगा सुपुर्द
उदयपुर के सीजेएम कोर्ट के फैसले पर दायर निगरानी याचिका पर सेशन कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि फैसला सुनाते हुए पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के स्वागत में उन्हें तौलने के लिए भेंट किया गया 56 किलो 857 ग्राम सोना सेंट्रल जीएसटी डिपार्टमेंट के सुपुर्द किया जाए. इस सोने की वर्तमान कीमत करीब 27 करोड़ रुपए आंकी जा रही है. बता दें कि वर्ष 1965 में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्तौड़गढ़ आने का कार्यक्रम था. उस दौरान बड़ी सादड़ी निवासी गणपत लाल आंजना ने शास्त्री जी के स्वागत में उनकी वजन के बराबर सोने में तौलने के लिए तत्कालीन कलेक्टर को 56 किलो 857 ग्राम सोना भेंट किया था.
बताया जा रहा है कि इसी दौरान शास्त्री जी का निधन हो गया और वह चित्तौड़गढ़ नहीं आ सके. यह सोना प्रशासन के पास ही रखा रह गया. इस बीच आंजना परिवार ने इस सोने को वापस लेने के लिए लंबी लड़ाई भी लड़ी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी. साथ ही बड़ी सादड़ी के ही एक अन्य व्यक्ति द्वारा सोने को गलत नियत से खुर्द करने के आरोप लगाए. और मामले में उदयपुर की लोअर कोर्ट में गणपत लाल आंजना सहित चार लोगों को दोषी मानते हुए सजा सुना दी. हालांकि डीजे कोर्ट और हाईकोर्ट ने सभी को बरी कर दिया, लेकिन यह सोना गोल्ड कंट्रोल ऑफिसर के पास जमा रखने के आदेश दिए गए.