वर्क फ्रॉम होम को लेकर सरकार ने जारी किया नया नियम

सरकार ने बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग, आईटी आधारित सेवाओं वाली कंपनियों के लिए वर्क फ्रॉम होम के मद्देनजर दिशानिर्देशों को सरल बनाने का ऐलान किया है. इससे इंडस्ट्री के अनुपालन का बोझ घटेगा और कोरोनाकाल में घर से काम करने के चलन में भी बड़ी मदद मिलेगी. सरकार के नए नियमों के मुताबिक, अन्य कंपनियों के लिए भी घर से काम और कहीं से भी काम के लिए एक सामान्य माहौल बनेगा. वहीं, समय-समय पर रिपोर्टिंग और कार्यालय की अन्य प्रतिबद्धताओं को भी खत्म कर दिया है. आपको बता दें कि कि इंडस्ट्रीज लंबे समय से वर्क फ्रॉम होम के मामले में राहत की मांग कर रही है और इसे स्थायी तौर पर जारी रखने के पक्ष में है.
नए नियम से कंपनियों के लिए घर से काम करने और कहीं से काम करने के लिए अनुकूल माहौल बनेगा. कंपनियों के लिए समय-समय पर रिपोर्टिंग और अन्य प्रतिबद्धताओं को समाप्त कर दिया गया है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि इसका उद्देश्य उद्योग को मजबूती प्रदान करना है.
इसमें घर पर एजेंट को ही ओएसएपी केंद्र का रिमोट एजेंट कहा जाएगा और उसे कार्यालय में अन्य अधिकारियों से संपर्क बनाने की अनुमति होगी. जानकारी के मुताबिक, वर्क फ्रॉम होम की धारणा को उदार करने का मकसद इंडस्ट्री को बढ़ावा देना और देश को सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी आईटी सेक्टर के रूप में नई पहचान देना है. वहीं, इससे इन कंपनियों को भी नए नियमों से वर्क फ्रॉम होम और वर्क फ्रॉम एनिवेयर से संबंधित नई नीतियों को अपनाने में भी बड़ी सहायता मिलेगी.
बता दें कि ओसएपी कंपनियां वो हैं जो दूरसंचार संसाधनों के माध्यम से एप्लीकेशन और आईटी क्षेत्र से जुड़ी सेवाएं या किसी भी प्रकार की आउटसोर्सिंग सेवाएं प्रदान करती हो. इन कंपनियों को ही आईटी, कॉल सेंटर, बीपीओ और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग कंपनियां कहा जाता है. दूरसंचार विभाग के नए दिशानिर्देशों से घर से काम करने की धारणा को बढ़ावा मिलेगा. इसमें घर से काम का विस्तार कहीं से काम किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि विस्तारित रिमोट एजेंट/एजेंट की स्थिति को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी मिल गई है.