अब खत्म हो रहा कोरोना का कहर? अक्टूबर के पहले 15 दिन सुकून भरे, नए केसों और मौतों में आई बड़ी गिरावट

अब खत्म हो रहा कोरोना का कहर? अक्टूबर के पहले 15 दिन सुकून भरे, नए केसों और मौतों में आई बड़ी गिरावट

भारत में कोरोना वायरस का कहर अब कम होता दिख रहा है। देश में कोरोना वायरस के मामलों और मौतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। अक्टूबर के पहले 15 दिन में जिस तरह से कोरोना के ट्रेंड देखने को मिले हैं, वह सुकून देने वाला है। आंकड़ों की मानें तो देश में कोविड -19 मामलों और मौतों में अक्टूबर के पहले 15 दिनों की अवधि से औसतन 18 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में कोरोना कोरोना संक्रमण के मामले में 18 फीसदी की गिरावट देखी गई है, जबकि मौतों में लगभग 19 फीसदी की गिरावट आई। भारत ने इस महीने के पहले 15 दिनों में 10,55,068 कोविड -19 मामले दर्ज किए, जो कि राज्य सरकारों से मिले दैनिक आंकड़ों के अनुसार अगस्त के दूसरे हाफ के बाद 15 दिनों का सबसे कम आंकड़ा है। सितंबर के दूसरे हाफ में केस संख्या 18.4% कम थी।
यह लगातार दूसरा पखवाड़ा था जब कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट देखी गई थी। पिछले पखवाड़े (16-30 सितंबर) में, जब महामारी की संख्या पहली बार गिरी थी, ताजा मामले 2.9% तक गिर गए थे। अक्टूबर के पहले में, 13,474 मौतें दर्ज की गईं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारत कोरोना के मामले में एक अभूतपूर्व शिखर पर है। 1.5 महीने में पहली बार 8 लाख के मार्क के नीचे सक्रिय मामले गिरे हैं।शुक्रवार के आंकड़ों की बात करें तो भारत में पिछले 24 घंटों में 63,371 नए कोविड-19 मामलों और 895 मौतों की एक रिपोर्ट दर्ज हुई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की जानकारी के अनुसार कुल 73,70,469 मामलों में से 8,04,528 सक्रिय, 64,53,780 ठीक हो चुके और अब तक कुल 1,12,161 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना वायरस को लेकर अब लगातार राहत की खबर मिल रही है। वैश्विक महामारी कोविड-19 से प्रभावित दुनियाभर के देशों में कोरोना वायरस से अमेरिका के बाद भारत दूसरा सर्वाधिक प्रभावित देश है मगर सुकून की बात है कि यह प्रति दस लाख की आबादी पर कोरोना संक्रमण की चपेट में आने और इससे जान गंवाने वालों के औसत मामलों में प्रमुख राष्ट्रों से काफी पीछे है। यानी भारत में मिलने वाले कोरोना के नए मामलों और मौतों की रफ्तार अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है। इतना ही नहीं, रिकवरी रेट के मामले में भारत दुनियाभर में सबसे आगे है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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