
बरेली, गाजियाबाद । पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक पटल पर एक बड़ा अध्याय जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के मसीहा और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह के सम्मान में बड़ा फैसला लिया है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा गाजियाबाद स्थित जनता पीजी कॉलेज, पतला का नाम बदलकर ‘चौधरी अजित सिंह जनता पीजी कॉलेज’ किए जाने के प्रस्ताव पर शासन ने अंतिम मुहर लगा दी है।
इस निर्णय के सामने आते ही राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) कार्यकर्ताओं और किसान वर्ग में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
किसानों की आवाज को सच्ची श्रद्धांजलि
रालोद नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि पतला स्थित कॉलेज का नाम चौधरी अजित सिंह के नाम पर दर्ज होना केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि किसानों, मजलूमों और कमेरा वर्ग के अधिकारों के लिए जीवन समर्पित करने वाले जननेता को सच्ची श्रद्धांजलि है। इस निर्णय से क्षेत्र के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्षशील विचारों और किसान हितों के प्रति समर्पण से प्रेरणा मिलेगी।
योगी सरकार का जताया आभार
रालोद परिवार और समर्थकों ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार का हृदय से आभार व अभिनंदन व्यक्त किया है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि इस फैसले से पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश के जन-जन की भावना का सम्मान हुआ है।
सोशल मीडिया पर गूंजा ‘जय रालोद’
फैसला आते ही कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और मिठाइयां बांटीं। सोशल मीडिया पर भी ‘जय चौधरी अजित सिंह जी, जय चौधरी चरण सिंह जी और जय रालोद’ के नारों के साथ आभार संदेशों की बाढ़ आ गई है। इसे ग्रामीण अंचल की उच्च शिक्षा और चौधरी साहब की विरासत को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।