
बरेली। चंद रुपयों की खातिर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले फर्जी डिग्री रैकेट पर बारादरी पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने फर्जी मार्कशीट, कूटरचित दस्तावेज और नकली मुहरें तैयार करने वाले शातिर जालसाज प्रदीप कुमार गंगवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से विभिन्न विश्वविद्यालयों की 21 फर्जी मार्कशीट, 6 सर्टिफिकेट, 11 नकली मुहरें, नकदी और स्कूटी बरामद हुई है।
50 हजार लेकर 6 माह में दे दी 3 साल की डिग्री
पंजाब (संगरूर) निवासी राहुल सिंह ने बारादरी पुलिस को ईमेल के जरिए शिकायत दी थी कि बीए में एडमिशन कराने के नाम पर प्रदीप ने उनसे ₹50,000 लिए और महज 6 महीने में तीन साल की बीए की मार्कशीट थमा दी। पड़ताल में डिग्री फर्जी निकली। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया।
मुखबिर की सूचना पर दबोचा गया जालसाज
जांच और सर्विलांस के आधार पर बारादरी पुलिस टीम ने वंश अस्पताल के पीछे, रेलवे ग्राउंड के पास घेराबंदी कर आरोपी प्रदीप कुमार गंगवार आनंद विहार, बारादरी को धर दबोचा।
’डेस्टिनी एजुकेशन सेंटर’ की आड़ में चल रहा था खेल
पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह बरेली में ‘डेस्टिनी एजुकेशन सेंटर’ चलाता है। उसने नोएडा निवासी रामचरण के साथ मिलकर बैकडेटेड मार्कशीट और फर्जी डिग्रियों का यह काला कारोबार शुरू किया था। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।