
बरेली। क्या आप जानते हैं कि पुरुषों में तेजी से बढ़ रही एक जानलेवा बीमारी के बारे में देश के ज्यादातर लोग अनजान हैं । हाल ही में हुए एक सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 69% पुरुषों को यह तक नहीं पता कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर क्यों होता है और इसके लिए कौन सी जांच करवानी चाहिए।
होल फाउंडेशन द्वारा दिल्ली-एनसीआर, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के 1,036 पुरुषों पर किए गए इस सर्वे की रिपोर्ट आंखें खोलने वाली है:
करीब 68.9% पुरुष इस कैंसर के किसी भी जोखिम कारक (Risk Factor) की पहचान नहीं कर पाए।
केवल 13.2% लोगों को यह पता था कि परिवार में पहले किसी को प्रोस्टेट कैंसर होने पर इसका खतरा बढ़ जाता है।
करीब 84% पुरुषों ने या तो कभी इसकी स्क्रीनिंग नहीं कराई या वे अपनी जांच स्थिति से पूरी तरह बेखबर हैं।”
“सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पुरुष अक्सर पेशाब से जुड़ी परेशानियों को बुढ़ापे का आम असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या डॉक्टर से खुलकर बात करने में झिझकते हैं। शुरुआती जांच के लिए होने वाले पीएसए (PSA) ब्लड टेस्ट के बारे में भी अधिकांश लोगों को जानकारी नहीं है।”
“विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय पर स्क्रीनिंग और जांच हो जाए, तो इस गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऑनकोलॉजिस्ट डॉ. देवव्रत आर्य के मुताबिक, ये आंकड़े पुरुषों में जागरूकता की भारी कमी को दर्शाते हैं। अब समय आ गया है कि प्रोस्टेट स्वास्थ्य की जानकारी को पुरुषों की नियमित स्वास्थ्य जांच का हिस्सा बनाया जाए।
शर्म छोड़िए, सतर्क बनिए! अगर आपकी या आपके परिवार में किसी की उम्र 45 या 50 से अधिक है, तो नियमित जांच करवाएं और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इस जानकारी को अपने पिता, भाई और दोस्तों के साथ जरूर साझा करें।