
बरेली। अगर आपकी ड्यूटी जनगणना में लगी है और आप इससे बचने का कोई आसान रास्ता ढूंढ रहे हैं, तो संभल जाइए ! जिलाधिकारी
अविनाश सिंह ने स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं कि जनगणना कार्य में तैनात सभी कार्मिकों को अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से करनी होगी। ड्यूटी से मनमर्जी से गायब रहने या बहानेबाजी करने वालों पर सीधे कानूनी शिकंजा कस सकता है।
अगर किसी कर्मचारी के सामने कोई गंभीर और अपरिहार्य समस्या है, तो उसके लिए प्रशासन ने एक बेहद सख्त प्रक्रिया तय की है।
ड्यूटी से राहत तभी मिलेगी, जब जनपद स्तर पर गठित विशेष मेडिकल जाँच समिति इसकी संस्तुति करेगी।
इस उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कर रहे हैं, जिसमें अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी भी शामिल हैं।
कर्मचारी को इस मेडिकल बोर्ड के सामने खुद पेश होकर अपनी समस्या साबित करनी होगी।
इतना ही नहीं, मेडिकल समिति की रिपोर्ट के बाद भी अंतिम फैसला ज़िलाधिकारी यानी प्रमुख जनगणना अधिकारी के हाथ में होगा। उनकी लिखित मंज़ूरी के बाद ही किसी कार्मिक को कार्यमुक्त किया जा सकेगा।
प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने या बिना मंज़ूरी ड्यूटी से नदारद रहने वालों पर जनगणना अधिनियम के तहत सीधी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।