गले की खराश से हैं बेहाल ? बिना दवा के मिनटों में पाएं राहत ~ अपनाएं ये 6 रामबाण देसी नुस्खे

बरेली। बदलते मौसम, धूल-मिट्टी और ठंडी-गर्म हवाओं के चलते अक्सर गले में दर्द, जलन और खराश की समस्या आम हो जाती है। कई बार हालत इतनी बिगड़ जाती है कि बोलना और खाना निगलना तक मुश्किल हो जाता है। तुरंत दवाओं की तरफ भागने के बजाय आप घर में मौजूद सुरक्षित और असरदार नुस्खों से बिना किसी साइड-इफेक्ट के तुरंत आराम पा सकते हैं।
गले के दर्द और संक्रमण से राहत दिलाने वाले प्रमुख घरेलू उपाय:
नमक के पानी से गरारे: गर्म पानी में चुटकी भर नमक डालकर दिन में 2 से 3 बार गरारे करें। नमक के एंटीसेप्टिक गुण गले के बैक्टीरिया को खत्म कर सूजन और दर्द में तुरंत राहत देते हैं। ध्यान रहे कि पानी ज्यादा खौलता हुआ न हो।
शहद और अदरक का रस: अदरक के रस में थोड़ा शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार लें। शहद गले पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, वहीं अदरक के एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण संक्रमण और सूखेपन को तेजी से दूर करते हैं।
हल्दी वाला गुनगुना दूध: रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं। हल्दी का प्राकृतिक एंटीबायोटिक असर गले की सूजन घटाता है, इम्युनिटी बढ़ाता है और खांसी-जुकाम से छुटकारा दिलाता है।
भाप (स्टीम इनहेलेशन): दिन में 1 से 2 बार गर्म पानी की भाप लें। बेहतर परिणाम के लिए पानी में नीलगिरी (यूकेलिप्टस) का तेल या अजवाइन डाल सकते हैं। यह गले की सूजन घटाने के साथ-साथ बंद नाक को तुरंत खोल देता है।
गुनगुने पानी का लगातार सेवन: दिनभर में ठंडा पानी या ठंडे पेय पदार्थों से पूरी तरह परहेज करें और केवल गुनगुना पानी पिएं। यह गले को नम रखता है, बलगम को ढीला करता है और सूखेपन से बचाता है।
तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा: तुलसी की पत्तियां, काली मिर्च और अदरक को उबालकर तैयार किया गया काढ़ा दिन में 1-2 बार पिएं। इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और गले की चुभन खत्म करते हैं।

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पं.सत्यम शर्मा

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