
बरेली। लगातार थकान, सुस्ती और कमजोरी को केवल तनाव या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। शरीर में थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन भी इन समस्याओं की वजह बन सकता है। खासकर यदि थकान लंबे समय तक बनी रहे और इसके साथ अचानक वजन बढ़ना या घटना, ठंड अधिक लगना, कब्ज, बाल झड़ना, त्वचा का रूखापन या चिड़चिड़ापन जैसी शिकायतें भी हों तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार थायरॉइड ग्रंथि गर्दन के सामने स्थित होती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है। हार्मोन कम बनने पर हाइपोथायरॉइडिज्म और अधिक बनने पर हाइपरथायरॉइडिज्म की स्थिति हो सकती है।
यदि थकान, वजन में बदलाव, ठंड लगना या अन्य लक्षण कई सप्ताह से लगातार बने हुए हैं और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है। गर्दन में सूजन या गांठ, निगलने अथवा सांस लेने में परेशानी या अनियमित तेज धड़कन होने पर जांच में देरी नहीं करनी चाहिए।