
बरेली, लखनऊ । पेराई सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार ने गन्ना आपूर्ति एवं कैलेण्डरिंग नीति जारी कर किसानों के हित में कई अहम फैसले किए हैं। लघु एवं अति लघु महिला गन्ना किसानों को रक्षाबंधन पर विशेष तोहफा देते हुए उनकी पर्चियों में प्राथमिकता दी गई है। महिला किसानों को पेड़ी की पर्चियां पहले-दूसरे पक्ष और पौधे की पर्चियां सातवें-आठवें पक्ष में जारी करने की व्यवस्था की गई है।
पहली बार दिव्यांग लघु गन्ना किसानों को भी विशेष सुविधा मिलेगी। 90 कुंतल तक सट्टा रखने वाले किसानों को लघु किसान की श्रेणी में शामिल किया गया है और पेड़ी व पौधा गन्ने की आपूर्ति तीन-तीन पक्ष में कराई जाएगी।
गन्ने की खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए ट्रेंच अथवा दोहरी पंक्ति विधि से बुवाई करने वाले किसानों को 15 दिन पहले आपूर्ति का लाभ मिलेगा। केन हार्वेस्टर से कटाई कराने वाले किसानों के लिए हार्वेस्टर सेंटर बनाए जाएंगे और उनकी जरूरत के अनुसार पर्चियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
किसानों की सुविधा के लिए पर्ची के निर्धारित वजन से 20 प्रतिशत तक अधिक गन्ना तौलने की अनुमति दी गई है। अतिरिक्त गन्ने के लिए निशुल्क अतिरिक्त सट्टे की व्यवस्था भी होगी। वहीं सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके विधिक उत्तराधिकारियों को 20 प्रतिशत आपूर्ति प्राथमिकता मिलेगी।
गन्ना सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, कैलेंडरिंग और पर्चियों की जानकारी ई-गन्ना एप एवं संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी। शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए समिति स्तर पर शिकायत अधिकारी नामित किए जाएंगे। किसान टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।