
बरेली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निरीक्षण भवन के मुख्य गेट पर शुक्रवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में शिवभक्तों के हजारों की बड़ी संख्या में जनमानस ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
भंडारे में मंडल अध्यक्ष ए.एच. रिजवी, मंडल संरक्षक श्रीनिवास शर्मा, जनपद अध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार साहू, जनपद मंत्री नत्थू लाल वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपाल सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष राजेश कुमार, उपाध्यक्ष जयदेव कश्यप, घनश्याम मौर्य, उप मंत्री हरपाल सिंह, दिनेश राजपूत और गोपाल राजपूत समेत संघ के पदाधिकारियों ने विशेष सहयोग किया।
आयोजकों एवं कार्यकर्ताओं ने भंडारे में आने वाले श्रद्धालुओं और लोगों को श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरित किया। इस दौरान व्यवस्था बनाए रखने में भी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
भंडारे के समापन पर उप मंत्री हरपाल सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनमानस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में सभी का सहयोग समाज में आपसी सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करता है।
स्कूल बस पेड़ से टकराई, 13 बच्चे घायल
नाबालिग चालक से बस चलवाने को लेकर अभिभावकों ने लगाए गंभीर आरोप
बरेली। भोजीपुरा कस्बे के न्यू इंग्लैंड डिकोनस स्कूल की बस शुक्रवार सुबह जटऊ पट्टी गांव के पास लिंक मार्ग पर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे के समय बस में 31 बच्चे सवार थे, जिनमें 13 बच्चे घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बस से बच्चों को बाहर निकालने में मदद की। सभी घायल बच्चों को उपचार के लिए राममूर्ति मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे स्कूल बस बच्चों को लेकर जा रही थी। जटऊ पट्टी गांव के समीप लिंक मार्ग पर अचानक बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में सवार बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया।
हादसे के बाद बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि बस की हालत पहले से ही खराब थी और कथित तौर पर उसे नाबालिग चालक चला रहा था। अभिभावकों के मुताबिक, उन्होंने कई बार स्कूल प्रबंधन से खस्ताहाल बस को बदलने और नाबालिग चालक को हटाने की शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
हादसे के बाद अभिभावकों में आक्रोश है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण और लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।