
*उत्तर प्रदेश समेत संपूर्ण भारतवर्ष में पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का जबरदस्त उत्पीड़न*। ————————————- *समस्त पत्रकार बंधु एवं पत्रकार संगठन आपसी एकजुटता करे प्रदर्शित* ————————————-नई दिल्ली/–भारतीय मीडिया फाउंडेशन नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कार्यालय से जारी बयान में। भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ अंसारी एवं पॉलिसी मेकिंग सुप्रीम कमेटी के केंद्रीय अध्यक्ष करन छोकर ने संयुक्त रूप से कहा कि देश के वरिष्ठ पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक महासम्मेलन दिल्ली में आयोजित करने की रणनीति बनाई गई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ अंसारी ने पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के सवाल पर कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत में जिस तरह से पत्रकारों का लगातार उत्पीड़न हो रहा है देश का पत्रकार आज सुरक्षित नहीं है संगठन की ओर से मांग पत्र सौपने का रणनीति बनाया गया है 21 सितंबर से उत्तर प्रदेश से इसकी शुरुआत की जा रही है उन्होंने कहा कि इसी तरह हर राज्य में संगठन की ओर से पत्रकार उत्पीड़न के सवाल पर मांग पत्र सौंपे जाएंगे और आगे दिल्ली में वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का महासम्मेलन करके संपूर्ण भारत वर्ष में आंदोलन करने की रणनीति बनाई जाएगी। पत्रकार हितों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार द्वारा कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को लागू किया गया है इस पर उन्होंने राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री महोदय को बधाई दिया है। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश की राजनीतिक पार्टी सत्ता एवं विपक्ष दोनों लोगों द्वारा पत्रकार उत्पीड़न पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं किया जा रहा है जो चिंता का विषय है। संगठन के पॉलिसी मेकिंग सुप्रीम कमेटी के केंद्रीय अध्यक्ष करन छोकर जी ने कहा कि भारत से भ्रष्टाचार तभी मिटेगा, भारत समृद्ध एवं शक्तिशाली तभी बनेगा जब पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का संवैधानिक अधिकार मिल जाएगा एवं पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को अभिव्यक्ति की आजादी होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का राष्ट्रीय संगठन है देश के सभी पत्रकार बंधुओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन की मुख्यधारा से जोड़कर एक सशक्त संगठन का निर्माण किया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एन एन तिवारी ने कहा कि आजादी के 7 दशक बीत जाने के बाद भी विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के पत्रकार अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के लिए बड़े ही शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि भारत के पत्रकारों के हक अधिकार सम्मान सुरक्षा के सवाल पर विश्व स्तरीय चिंतन शिविर का आयोजन भारत की राजधानी दिल्ली में की जाएगी जिसमें विश्व स्तर के तमाम मीडिया संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा इस संदर्भ में संगठन की राष्ट्रीय मैनेजमेंट अफेयर्स कमेटी की ओर से प्रमुख पदाधिकारियों की ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग मीटिंग भी की जाएगी। उन्होंने देश प्रदेश के समस्त पत्रकारों से एकजुट होने की अपील की है इसके साथ साथ देश प्रदेश में चलने वाले उन तमाम पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील किया है कि सत्ता प्राप्त करने के जिस तरह से राजनीतिक दल के लोग आपस में गठबंधन करते हैं उसी तरह हम सभी पत्रकार संगठनों को आपस में गठबंधन करके पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के हक ,अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा के लिए महाक्रांति करनी होगी।