मैरिज होम व बैण्ड बाजे संचालक के द्वारा बालश्रम, बाल विवाह से सम्बन्धित आयोजित गोष्ठी एवं कार्यशाला

एटा–जनपद में मैरिज होम व बैण्ड बाजे संचालक के द्वारा बालश्रम, बाल विवाह से सम्बन्धित आयोजित गोष्ठी एवं कार्यशाला पुलिस लाईन्स सभागार एटा में हुई सम्पन्न दिए आवश्यक दिशा निर्देश।

आज दिनांक 10.06.2025 को श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) एटा महोदय की अध्यक्षता में थाना ए०एच०टी व एस.० जे०पी०यू० की गोष्ठी आहूत की गयी, जिसमें जनपद एटा के प्रभारी निरीक्षक ए०एच०टी० श्री अनिल कुमार सिंह महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन प्रभारी निरीक्षक श्री राकेश सरोज, श्रम प्रर्वतन अधिकारी श्री राजबाबू यादव, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष श्री आनन्द पाण्डेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से श्री अंकित कुलश्रेष्ठ वनस्टॉप सेंटर महिला सुश्री जाग्रति चतुर्वेदी चाईल्ड हेल्पलाइन कोर्डिनेटर एटा श्रीमती ज्योति शर्मा, एवं बाल संरक्षण अधिकारी एटा श्री पंकज यादव, जनपद के थाना अलीगंज के बाल कल्याण अधिकारी उ०नि० श्री हृदेश कुमार दुबे व समस्त थानों से बीट महिला आरक्षी व थाना अलीगंज, को० नगर व जलेसर के समस्त मैरिज होम व बैण्ड बाजों के संचालक सम्मिलित हुये। श्रम प्रर्वतन अधिकारी श्री राजबाबू के द्वारा बालश्रम न कराने के सम्बन्ध में मैरिज होम व बैण्ड बाजे के संचालकों को दिशा निर्देश दिये गये और निर्देशित किया कि मैरिज होम व बैण्ड बाजे के संचालक 18 वर्ष से कम उम्र के बालकों से किसी भी दशा में बालश्रम न कराया जाये 18 वर्ष से कम उम्र का बालक बालश्रम की श्रेणी में आता है। बालश्रम ऐसा करना प्रतिकर अधिनियम 1923 के अर्न्तगत दण्डनीय अपराध है। साथ ही साथ यह भी अवगत कराया कि 14 से 18 वर्ष तक के बच्चे किसी ड्रामा या किसी टीवी कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सकते है बालश्रम नही कर सकते इसके अतिरिक्त यह भी अवगत कराया कि श्रमिक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते है up.docw.in पोर्टल है जिस पर सर्च करके श्रमिकों से सम्बन्धित योजनाओं का लाभ उठा सकते है। गोष्ठी मे उपस्थित आशा ज्योति केन्द्र प्रभारी सुश्री जाग्रति चर्तुवेदी द्वारा कौशल विकास योजना के अर्न्तगत बालकों को प्रतिभाग कर योजना कालाभ प्राप्त करने के सम्बन्ध में बताया गया। इसके अतिरिक्त गोष्ठी में उपस्थित बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री आनन्द कुमार पाण्डेय द्वारा मैरिज होम व बैण्ड बाजे संचालकों को निर्देशित किया कि बालश्रम, भिक्षावृत्ति की संयुक्त चैकिंग के दौरान रेस्क्यू किये गये बच्चों की पारिवारिक स्थिति सही न होने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी एटा के माध्यम से उनके परिवार से पत्राचार कराकर ऐसे बच्चों के उज्जवल भविष्य हेतु सरकारी योजनाओं का लाभदिलवाने हेतु जागरूक कराकर उनको समाज की धारा से जोडा जा सके जिसमें बाल सेवा व योजन सेवा के अर्न्तगत 25,000 हजार व 40,000 रूपये परिवार की स्थिति सही न होने व अनाथ होने पर बच्चों को प्रतिमाह योजना के अर्न्तगत लाभ दिये जाने के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से चर्चा की गई, तथा गोष्ठी में उपस्थित अधिकारी/कर्मचारीगणों के द्वारा संयुक्त रूप से कार्यशाला में बाल विवाह को एक सामाजिक बुराई के रूप में मानते हुये इसकी रोकथाम हेतु हर सम्भव बाल विवाह रोकने हेतु सम्बन्धित विभागों को निर्देशित किया गया तथा थानों से उपस्थित महिला बीट आरक्षियों को अपने अपने बीट में बाल विवाह एवं बालश्रम की जानकारी कर रोकथाम करने हेत जागरूक कर इसका प्रचार प्रसार करें। गोष्ठी में बालश्रम एवं बाल विवाह से सम्बन्धित प्रभावी कदम मुख्य रूप से उठाये गये बिन्दुओं का भविष्य में पालन करने हेतु आश्वस्त किया गया। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उ०प्र० लखनऊ द्वारा जारी एस०ओ०पी० के अनुसार सुझाव, पीडितों के आवासन, बाल गुमशुदा, बालश्रम, नशा मुक्ति अभियान, मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति, की रोकथाम, के सम्बन्ध में अलग से श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) महोदय एटा द्वारा रोकथाम करना व कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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