हाल के भूकंपों ने तिब्बत की भूकंपीय गतिविधि को उजागर किया

Short…हाल के भूकंपों ने तिब्बत की भूकंपीय गतिविधि को उजागर किया

तिब्बत में हाल ही में दो भूकंप आए । एक 27 मई को 3.6 तीव्रता का और दूसरा 31 मई को 3.5 तीव्रता का। दोनों भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आए। ज़मीन के ज़्यादा हिलने के कारण उथले भूकंप ज़्यादा जोखिम पैदा करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार शिक्षा और मज़बूत ढाँचे नुकसान को कम करने में मदद कर सकते हैं। तिब्बत में आए भूकंप के बारे में यहाँ कुछ और जानकारी दी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार भूकंप शनिवार 31 मई को 03:11:19 IST पर आया था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 दर्ज की गई थी। जिसका केंद्र अक्षांश: 29.03 N, देशांतर: 87.06 E और सतह से 10 किमी की उथली गहराई पर स्थित था। इस तरह के उथले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक चिंताजनक होते हैं क्योंकि पृथ्वी की सतह के करीब होने का मतलब है कि ऊर्जा का अधिक उत्सर्जन,जिससे ज़मीन का हिलना, संरचनात्मक क्षति में वृद्धि और संभावित हताहतों की संख्या बढ़ जाती है। तिब्बती पठार भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के एक प्रमुख फॉल्ट लाइन पर टकराने के कारण अपनी उच्च भूकंपीय गतिविधि के लिए जाना जाता है। यह निरंतर गतिविधि भूकंप को अक्सर होने वाली घटना बनाती है।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks