गुटबाजी, द्वेष और आपसी द्वंद्व में उलझी कांग्रेस



राहुल गांधी, खरगे, सोनिया और प्रियंका के प्रयास भी एटा में हो रहे नाकाफ़ी


सांगठनिक ढांचे में बदलाव के बाद भी नहीं दिख रही उम्मीदें


एटा। विश्व पटल पर सबसे शक्तिशाली देश का तमगा हांसिल करने वाले अमेरिका में भले ही राहुल का डंका बज रहा हो? उन्हें भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में क्यों ना देखा जा रहा हो? लेकिन एटा जिले के कांग्रेसियों के लिए यह कोई खुशी की बात नहीं है। हालांकि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले माह एटा- कासगंज जिला सहित प्रदेश भर के सभी जनपदों में सांगठनिक फ़ेर बदलकर संगठन को नई ऑक्सीजन देने की पहल की है। किंतु यह पहल भी नाकाफी साबित हो रही है।

गुटबाजी द्वेष और आपसी द्वंद एटा जिले के कार्यकर्ताओं में सर चढ़कर बोल रहा है। टीम प्रियंका ने जिस मकसद को लेकर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र जिला स्तर पर जिला अध्यक्ष और शहर अध्यक्षों की घोषणा की थी। उनमें आपसी टकराव और द्वंद्व की स्थिति इस कदर देखी जा रही है, जैसे संगठन में दो अलग-अलग रास्ते बन गए हों। इसकी बानगी तब देखने को मिली, जब सर्वप्रथम नवनियुक्त कॉंग्रेस जिला अध्यक्ष आशिक हुसैन भोले का जिला कांग्रेस कार्यालय धानमील गली पर स्वागत की बेला थी। स्वागत के इस कार्यक्रम में शहर अध्यक्ष, युवा अध्यक्ष, एनएसयूआई, कांग्रेस सेवादल, महिला कांग्रेस के अलावा विधानसभा के हारे हुए प्रत्याशियों और विविध संगठनों के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। फलस्वरुप कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति भी दर्शाई। लेकिन शहर कांग्रेस के अध्यक्ष विनीत पाराशर वाल्मीकि, पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अनिल सोलंकी और उनकी टीम के कई लोग इस स्वागत कार्यक्रम में दूरी बनाए रहे। कमोवेश ऐसी ही स्थिति पिछले दिनों शहर अध्यक्ष विनीत पाराशर वाल्मीकि के स्वागत कार्यक्रम की थी, जिसमें जिले के तमाम कांग्रेसी और स्वयं जिलाध्यक्ष शरीक नहीं हुए। बताया जाता है कि सारी स्थितियों के बारे में कांग्रेस के आला नेतृत्व को फीडबैक दे दिया गया है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि अधिकतम एक माह के अंदर टीम प्रियंका और उनसे जुड़े कांग्रेस नेता कोई बड़ा फैसला लेते हुए शहर कांग्रेस द्वारा उत्पन्न की जा रही इन परिस्थितियों पर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

कार्यालय से हटा दिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पोस्टर बैनर


शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनीत पाराशर वाल्मीकि के स्वागत कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यालय पर लगे नवनियुक्त जिला अध्यक्ष आशिक हुसैन भोले के पोस्टर बैनर तक हटा दिए गए। उसके स्थान पर कार्यालय के बाहर दीवार पर ही नहीं कार्यालय के अंदर भी सभी दीवारों पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पोस्टर बैनर लगवा दिए। इस बात की भी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं खासी चर्चा बनी हुई है, जो खुद व खुद कांग्रेस के आपसी द्वंद्व को दर्शाती है।

रियाज अब्बास की खास खबर

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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