
नगर निगम खस्ताहाल, ठेकेदार मालामाल और निर्माण कार्य तो सुभानल्लाह :
सहारनपुर
भले ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार बार-बार अपनी चेतावनी जारी करने के बावजूद भी ठेकेदार सबक लेने को तैयार ही नहीं है,खासकर यहां सहारनपुर नगर निगम के ठेकेदार कम समय में ही मालामाल होते जा रहे हैं, जबकि इनके द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य एक से दो वर्षों के भीतर ही ध्वस्त होते जा रहे हैं,यही नहीं अपितु सहारनपुर नगर निगम के वार्डों का भी आलम यह हो चला है की यहां पार्षद जी अपने अपने निर्माण कार्यों का शुभारंभ का फीता काटकर तो निकल लेते हैं, लेकिन सड़क और नाले की पुनियाएँ कुछ ही महीनों या एक दो वर्षो के भीतर ही धराशाई होकर दम तोड़ रही हैं । क्योंकि पार्षद जी को अपनी प्रसिद्धि के अलावा यह पता ही नहीं चल पाता है की उनके वार्ड में बनाई जा रही सड़कें या नाले नाली की पुलियाओं में मानकों का जमकर उल्लंघन भी हो रहा है। पार्षद जी को यह पता ही नहीं है कि उनके वार्डो में किए जाने वाले विकास निर्माण कार्यों से संबंधित ठेकेदार जमकर घटिया सामग्री का प्रयोग भी कर रहे हैं प्रसिद्धि पाने के जुनून में पार्षद जी यह भूल बैठे हैं की उनके वार्डो में कराए जा रहे, निर्माण कार्यों का अनुमन्य मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। विशेषकर नवीनीकरण या सड़कों की मरम्मत या फिर पुलिया निर्माण में निर्धारित सामग्री और मानक का उपयोग नहीं किया जा रहा है । मामला वार्ड नंबर 63 – 62 फुटा रोड हैदराबाद पैलेस स्थित के सामने वाली गली का है, जहां बताया यह जा रहा है कि कुछ समय पहले की बनी पुलिया धराशाई होकर टूट चुकी है, टूटी हुई पुलिया में प्रयोग किए गए सरिये को भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है । जहां मात्र एक या दो सरिया लगाकर पुलिया के बेस को टिकाया गया था । अब जाहिर है जब निर्माण कार्ये ऐसे होंगे तो चर्चाएं भी अवश्य होंगी । अगर आप पिछले कम वर्षों के सापेक्ष में नगर निगम के ठेकेदारों का वर्तमान तक का रिकॉर्ड उठा कर देखेंगे तो हर एक ठेकेदार की संपत्तियों में अधिकतम इजाफा पाया जाएगा । क्योंकि जांच कर्ता अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं । और आज यही कारण है कि ठेकेदार मालामाल हो रहे हैं, विभाग खस्ता हाल है और निर्माण कार्यों की स्थिति सुभानल्लाह होकर बत से बत्तर हो चली है ।