मौलाना साजिद रशीदी ने पहली बार दिया BJP को वोट,

मौलाना साजिद रशीदी ने पहली बार दिया BJP को वोट, वजह भी बताई, कहा- ‘मुसलमानों को इतना डरा दिया…’दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है. इस बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का एक बड़ा बयान सामने आया है.उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्होंने जिंदगी में पहली बार बीजेपी को वोट किया है. अपनी स्याही वाली उंगली दिखाते हुए उन्होंने कहा, “दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी, इसके लिए मैंने वोट कर दिया है. यह वोट किसको दिया है, यह जान कर आपको बहुत हैरानी होगी.” उनके इस बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है.

साजिद रशीदी ने बीजेपी को वोट करने की वजह तो नहीं बताई लेकिन यह कहा कि, “मेरे बीजेपी को वोट करने के पीछे बहुत सारी वजह हैं. अभी तक मुसलमानों पर आरोप लगता था कि वह बीजेपी को वोट नहीं देते हैं, लेकिन आज मैंने बीजेपी को जिताने के लिए उसे वोट किया है.” लिहाज़ा कारण जानने के लिए एबीपी न्यूज ने मौलाना साजिद से एक्सक्लूसिव बातचीत की है.’मुसलमान डर में हैं, बीजेपी को वोट देने से होगा फायदा’
मौलाना साजिद कहते हैं कि एक धारणा बन गई है कि मुसलमान केवल बीजेपी को हराने के लिए वोट करते हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि यह पहली बार है जब उन्होंने बीजेपी को वोट दिया है. साल 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान कहा था कि मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देंगे. हालांकि, मौजूदा समय में उन्होंने महसूस किया कि मुसलमानों को इतना डरा दिया गया है कि वे डर और सहमकर जीवन जी रहे हैं. उनका मानना है कि बीजेपी को वोट देने से इस डर का सामना किया जा सकता है.

मौलाना का यह भी कहना है कि जब हम किसी नेता को वोट देते हैं, तो हमें उनसे सवाल पूछने का अधिकार मिलता है. आज बीजेपी कहती है कि वह मुसलमानों के लिए काम क्यों करे? क्योंकि मुसलमान उन्हें वोट नहीं देते. इसलिए उन्होंने बीजेपी को वोट देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि मुसलमान भी बीजेपी का समर्थन कर सकते हैं और उनसे अपने अधिकारों की मांग कर सकते हैं.

‘विपक्ष ने बनाया मुसलमानों को बीजेपी का दुश्मन’
मौलाना रशीदी ने यह भी कहा कि विपक्ष ने एक ऐसा परसेप्शन बनाया है जिससे मुसलमान बीजेपी के दुश्मन हो गए हैं. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं ने कितनी बार मुस्लिम समुदाय के साथ मंच साझा किया है या मुस्लिम मोहल्लों में रैली की है? मौलाना का मानना है कि मुसलमान किसी के बंधुआ मजदूर नहीं हैं और उन्हें अपने राजनीतिक निर्णय स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए.

‘किसी पार्टी से डरकर नहीं जीना चाहिए’
मौलाना साजिद रशीदी का बीजेपी को वोट करने का दावा महत्वपूर्ण संदेश है, जो मुस्लिम समुदाय के भीतर आत्मनिर्भरता और स्वतंत्र राजनीतिक सोच को प्रोत्साहित करता है. उनका मानना है कि मुसलमानों को संविधान में दिए गए अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और किसी भी पार्टी से डरकर नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए खड़े होकर जीवन जीना चाहिए.

मौलाना साजिद रशीदी का बीजेपी को वोट देने का निर्णय मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक दृष्टिकोण में एक नई दिशा की ओर संकेत करता है, जहां वे अपने अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं और किसी भी राजनीतिक दल के साथ संवाद स्थापित कर सकते हैं.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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