
परिवार समाज की वह इकाई है जिसमें संस्कार पुष्पित और पल्लवित होते हैं संस्कार के अभाव में ही आज वृद्ध आश्रम खुलते जा रहे हैं उनकी बाढ सी आ गई है, यह बहुत ही चिंतनीय विषय है -यह उदगार देश-विदेश में प्रख्यात मनीषी आर्ष गुरुकुल के कुल सचिव डॉ बजेश कुमार शर्मा ने राज्य पुरस्कार शिक्षक कीर्ति शेष श्री नेत्रपाल शर्मा की प्रतिमा अनावरण एवं सम्मान समारोह के दौरान व्यक्त किया
राम मूर्ति निवास के प्रेरणा स्थल पर स्थापित श्री शर्मा की मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उत्तर प्रदेश के सदस्य डॉक्टर राधा कृष्ण दीक्षित एवं मुख्य वक्ता डॉ ब्रजेश कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से किया, समारोह स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए डॉ० शर्मा ने कहा कि भौतिकतावादी युग में परिवारों से संस्कार लुप्त होते जा रहे हैं उन्होंने श्राद्ध को स्पष्ट करते हुए कहा कि बुजुर्गों की जीते जी सेवा करना ही वास्तविक श्राद्ध है यही श्रद्धा संस्कार का आधार है ,उन्होंने उपस्थित जन समूह से आह्वान किया कि वह भी आज के कार्यक्रम के संयोजक संजय शर्मा, राजीव शर्मा ,शशिकांत शर्मा के परिवार से प्रेरणा लेकर बच्चों में बुजुर्गों के प्रति सम्मान रूपी संस्कार स्थापित करें
मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सदस्य डॉक्टर राधा कृष्ण दीक्षित ने कहा कि आज समाचार पत्रों में दुष्कर्म, सामाजिक कुरीतियों की भरमार है यह बुजुर्गों से बढ़ रही बच्चों की दूरी का ही दुष्परिणाम है मानवीय मूल्यों का निरंतर हास हो रहा है संस्कारों से विमुख होना भारतीय परंपरा नहीं है, हम सदैव से ही मां-बाप और बुजुर्गों से सीखते हैं उन्होंने कहा कि हमें इस समाज को इन कुरीतियों से बचाना है तो निश्चय ही संजय शर्मा द्वारा स्थापित प्रतिमा के साथ उनके परिवार में पुष्पित और पल्लवित हो रही संस्कारों से प्रेरणा लेनी होगी !
आदर्श शिक्षक ,शिक्षक मित्र और विभिन्न रिश्ते नातों को उत्कर्षिता के साथ जीवन परिवर्तन करने वाले कीर्ति शेष श्री नेत्रपाल शर्मा के बड़ी संख्या में उपस्थित शिक्षकों , शिष्यों, परिजनों एवं रिश्तेदारों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित करते हुए संजय शर्मा द्वारा “संकट” एवं प्रकाशित पुस्तक “अनुभव” को भी भेंट किया
इस अवसर पर पंचशील विशिष्ट अतिथि संस्कार भारती के डॉ० प्रेमी राम मिश्रा, जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय केपूर्व विभाग अध्यक्ष डॉक्टर सुभाष चंद्र दीक्षित, प्रख्यात गीतकार डॉ राकेश सक्सेना अजय यादव, पूर्व विधायक प्रचार पालन वर्मा ,पूर्व ब्लाक प्रमुख वजीर सिंह यादव आदि ने भी संबोधित किया
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉ० सुनीता सक्सेना ने कहा कि आज जहां मां-बाप को एक चारपाई के लिए कमरा नसीब नहीं होता वहां संजय शर्मा ने अपने पिता श्री की प्रतिमा स्थापित करने के लिए इतना भव्य मंदिर रूपी सभा कक्ष जिसे वह मेडिटेशन सेंटर योग कक्षा बनाने का प्रयास किया है, वह निश्चित रूप से न केवल प्रशंसनीय है अपितु प्रेरणादाई भी है, समाजसेवी प्रदीप रघुनंदन, शिव प्रताप सिंह यादव सेवानिवृत्ति डाइट के पूर्व प्रवक्ता , राज्य पुरस्कार शिक्षक भीमसार बौद्ध ,सूरजपाल वर्मा, प्रीति गौड, हरपाल सिंह, कुंवर पाल सिंह, नीतू यादव, सुनील आर्य ,संतोष कुमारी ,सेवानिवृत्ति सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नंदकिशोर शर्मा, तोताराम शर्मा, डॉक्टर सुधीर गुप्ता ,मनोज तिवारी , राजीव शर्मा ,कुसुम शर्मा, अंजू शर्मा, प्रतिष्ठा शर्मा ,पुष्पा शर्मा ,रंजन शर्मा, प्रतीक शर्मा, मनोज तिवारी, जमशेद आलम ,रविंद्र देव भारद्वाज, डॉ विनय गुप्ता, आर्य समाज के प्रधान नेत्रपाल सिंह आर्य, विनोद कुमार आर्य, महिला आर्य समाज की श्रीमती विमला आर्य ,विश्वनाथ सिंह बैंक प्रबंधक, मुकेश शर्मा ,विवेक यादव, योगेश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।