अवैघ शस्त्र फैक्ट्री मामले में आरोपित को तीन साल का कारावास

अवैघ शस्त्र फैक्ट्री मामले में आरोपित को तीन साल का कारावास
कानूनी दावपेच में गुजरे 27 साल, पांच हजार जुर्माना भी हुआ
एटाः अलीगंज थानाक्षेत्र के गांव चमन नगरिया में 27 साल पहले अवैध शस़्त्र फैक्ट्री पर हुई कार्यवाही में पकड़ा गया आरोपित गुरुवार को अदालत ने दोषसिद्ध करार दिया। जिसे अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने तीन साल के कारावास के साथ पांच हजार रुपया जुर्माने से दंडित किया गया।
हुआ यह कि 25 सितंबर 1997 को शाम 4 बजे थानाध्यक्ष डीपी सिंह ने पुलिस कर्मियों के साथ दविश देकर कस्बा अलीगंज के मौहल्ला अंसारी निवासी गुड्डू पुत्र मंगल अंसारी को स्वामी शरण पुत्र बच्चनलाल के साथ चमन नगरिया में अवैध शस्त्र फैक्ट्री चलाते पकड़ा। मौके से बने अधवने असलाह व बनाने के उपकरण बरामद हुए। जिस पर पुलिस ने आरोपियों का चालान कर अदालत भेज दिया। जांच के बाद आए आरोपपत्र के आधार पर जब अदालत में मामला चला तो कानूनी दावपेच के बीच 27 साल गुजरे। इस दौरान आरोपी स्वामी शरण की मौत होने पर 5 जुलाई 2017 को उसके खिलाफ कार्यवाही बंद की गई। अभियोजन अधिकारी मुकेश कुमार यादव ने गवाह व सबूतों के माध्यम से आरोपों को साबित कराया। जिस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने आरोपित को दोषी करार देकर तीन साल के कारावास व पांच हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की दशा में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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