बाल विकास के पोषाहार वितरण में राशन बैग्स पर पीएम एवं सीएम के अंकित फोटो पर सवाल


*आपूर्ति कर्ता एजेंसी ने आदेश आने से पहले ही बांट दिए राशन बैग्स
*विभागीय अफसरों ने नही किया सत्यापन चुनावी आचार संहिता का सारे आम उल्लघन*
एटा। आदर्श आचार संहिता का शत प्रतिशत अनुपालन की डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी प्रेम रंजन सिंह की कोशिशों पर बाल विकास के अधिकारी पानी फेरने में जुटे हैं। परिणाम स्वरूप प्रति माह बच्चो और गर्भवती माताओं को दिए जाने बाला अनुपूरक आहार जिले भर में बांटा जा रहा जो पूर्व निर्धारित गाइड लाइन से ही उन बैगों में दिया जा रहा है जिन पर प्रधान मंत्री एवं प्रदेश के मुख्य मंत्री की फोटो छपी है। जबकि विभाग निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने आपूर्तिकर्ता एजेंसी नेफेड वेयर हाउसिंग कांप्लेक्स लखनऊ को 19 मार्च को आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए पीएम एवं सी एम के फोटो अंकित बैग्स की सप्लाई न करने लिए कहा। पर बताते है जब तक उक्त आदेश निर्गत हुआ तब तक आपूर्ति कर्ता एजेंसी ने सप्लाई कर दी एटा जिले में भी यह बैग्स पूर्व की भांति दिए गए जिनमे पोषाहार के छोटे छोटे पैकेट रख कर लाभार्थियों को दिया जा रहा। सब कुछ पूर्व की भांति हो रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आदर्श आचार संहिता के परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रख कर इस ओर ध्यान नहीं दिया।परिणाम स्वरूप यह बैग्स आगाबड़ियो की भूल से लाभार्थियों के घरों तक पहुंच रहे जो आदर्श आचार संहिता के उल्लघंन का सबब बन रहे हैं।यदि विभागीय अधिकारी निदेशक लखनऊ के निर्देशों का एवं डीएम एटा की आदर्श आचार संहिता के कड़ाई से भरी प्रतिब्धता का ध्यान रखते तो इस फजीहत से बचा जा सकता था। कही किसी परियोजना पर जाकर जिले विभागीय अफसर ने कोई सत्यापन नही किया है। यदि समय रहते ऐसी विभागीय लापरवाहियों पर ध्यान नहीं दिया तो एटा इलेक्शन कमिशन के निशाने पर आ सकता है। उल्लेखनीय आज गुरुवार को ही आयोग ने विकसित भारत के व्हाट्स एप मेसेज को लेकर नोटिस देकर कड़ा ऐतराज जताया है।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *