सांसद को नहीं पसंद उनकी बैठक में पत्रकार रहें उपस्थित

कछला में जिले के पत्रकारों के सम्मान और स्वाभाविक को पहुंची ठेस

सांसद को नहीं पसंद उनकी बैठक में पत्रकार रहें उपस्थित


एटा। लोकसभा चुनाव का विगुल बज चुका है राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर रहे हैं भाजपा हाईकमान ने भी मोदी लहर और स्वर्गीय नेताजी कल्याण सिंह जी के नाम पर दो बार जीत हासिल करने वाले सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया को तीसरी बार एटा लोकसभा सीट पर प्रत्याशी बनाया है।
हाल यह है कि सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया ने एटा में प्रेसवार्ता करना भी उचित न समझा और जिले में सांसद महोदय के राइट हैंड कहे जाने वाले बसपाई से भाजपाई बने विनीत भारद्वाज को जिले के पत्रकारों को अपने कछला में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी, सांसद महोदय के राइट हैंड के नाम से प्रसिद्ध विनीत भारद्वाज ने जिम्मेदारी निभाई और ज्यादातर पत्रकारों को फोन करके कछला कार्यक्रम का बुलावा दिया और इस नाममात्र बुलावे पर पत्रकार भी बड़ी बेशर्मी के साथ तय समय पर कछला कार्यक्रम में पहुंच गए। वहां पहुंचने पर पत्रकारों की अनदेखी की गई और सांसद महोदय के कार्यक्रम में पत्रकारों की उपस्थिति एक भीड़ के लिए इस्तेमाल की गई, जिसके बाद जिले के पत्रकारों ने स्वयं को अपमानित महसूस किया और इस हरकत का जनपद लौटने पर विरोध भी जताया।
इस कार्यक्रम के बाद जनपद का पत्रकार काफी आक्रोशित हैं और सांसद को इस चुनाव में सबक सिखाने के लिए कमर कसकर तैयार है।
सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया द्वारा पत्रकारों को कछला वाले कार्यक्रम में ही अपमानित नहीं किया बल्कि इससे पहले भी सन् 2023 में अपनी एक बैठक में पत्रकारों की उपस्थिति न हो उसके लिए बकायदा लेटर जारी करके अधिकारियों को निर्देश भी दिया है।

आखिर पत्रकारों से इतनी चिढ़ क्यों है सांसद महोदय को…?
चुनाव के समय पत्रकारों को याद करने वाले सांसद महोदय को जिले के पत्रकारों को इतना कमजोर करके नहीं आंकना चाहिए कि उनके द्वारा या उनके इर्द-गिर्द रहने वाले सहयोगियों द्वारा पत्रकारों को अपमानित किया जाएगा, उनके सम्मान व स्वाभिमान को नीचा दिखाया जाएगा और जिले पत्रकार चुपचाप बैठा रहेगा तो यह उनकी बहुत बड़ी गलतफहमी है और कछला कार्यक्रम के बाद से जिस तरह जिले के पत्रकार नाराज हैं यह इस लोकसभा चुनाव में सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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