
गावों में पट गया गन्ना, बड़े जनाधार से जीत सकते है नारायण त्रिपाठी
नारायण त्रिपाठी का काम बोलता है जिस तरह से नारायण त्रिपाठी ने क्षेत्र में दलो के दलदल से निकलकर बिना जातीय भेदभाव के राजनीति की है उसके व्यापक असर क्षेत्र में देखने को मिलने लगे है। नारायण त्रिपाठी एक ऐसे प्रत्यासी है जिन्हें क्षेत्र में हर जाति सम्प्रदाय की बहुतायत समर्थन मिल रहा है लोग अब शिर्फ़ गन्ना गन्ना चिल्लाने लगे है। नारायण त्रिपाठी जिस दिन चुनावी विगुल फूंकने पहलीबार मैहर आये थे तो उन्होंने जनता जनार्दन को एक नारा दिया था कि अबकी बार एक लाख पार जो अब सच होता दिख रहा है। नारायण त्रिपाठी के कार्यो की लोकप्रियता अब सर चढ़ कर बोलने लगी है क्योकि मैहर की राजनीति में उनसे मझा खिलाड़ी कोई नही है। जो कार्य नारायण ने क्षेत्र की जनता के लिए किए है और आगे भी कर सकते है किसी और के बूते की बात नही। नारायण उनकी सेवा करते है जिनकी कोई नही सुनता इसीलिए नारायण लोगो के दिलो में बसते है लोग सोचते भी है लेकिन उनकी कार्यशीली लोगो को उनसे अलग ही नही होने देती। जिस दिन विन्ध्य जनता पार्टी से नारायण त्रिपाठी ने चुनाव लड़ने का फैसला किया था तो उनके कुछ प्रतिद्वंदियों ने अपने आप को जीता घोषित कर दिया था लेकिन महज 15 दिनों में ही नारायण ने लोगो की ऐसी सहानभूति बटोरी की अब शिर्फ़ नारायण नारायण हो रहा है। हालांकि 17 तारीख को सभी प्रत्यासियो की किस्मत ईबीएम में कैद हो जाएगी और आगामी 3 दिसम्बर को परिणाम बताएगा कि जनता ने जीत का सेहरा किसके सर बांधा।