माता वैष्णो देवी के भवन पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को इस बार भीड़भाड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा

जम्मू कश्मीर, कटड़ा : 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र में देशभर से माता वैष्णो देवी के भवन पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को इस बार भीड़भाड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। भवन पर आधुनिक स्काईवाक (फ्लाई ओवर) का निर्माण लगभग पूरा हो गया है।
भवन पहुंचने वाले श्रद्धालु इसी स्काईवाक के भीतर से होते हुए पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे और मां के दर्शन के बाद निकासी द्वार (पुराने रास्ते) से बाहर आकर वापस कटड़ा के लिए रवाना होंगे।

इससे भवन परिसर पर अधिक भीड़ होने पर भी श्रद्धालुओं का जमावड़ा नहीं होगा। उपराज्यपाल तथा श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा संभवत: प्रथम नवरात्र को यह स्काईवाक श्रद्धालुओं को समर्पित करेंगे। करीब 300 मीटर लंबा यह स्काईवाक श्राइन बोर्ड ने डेढ़ वर्ष में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है।

बनाए गए आपात निकासी द्वार

यह स्काईवॉक आरामदायक तो होगा ही साथ में अलौकिक भी। स्काईवाक के प्रवेशद्वार के करीब 50 मीटर क्षेत्र को पूरी तरह से मां वैष्णो देवी की गुफा का रूप दिया गया है। इसके भीतर वैष्णो देवी के नौ रूपों की मूर्तियां सुसज्जित की गई हैं। इसके साथ ही नौ रूपों के नाम के साथ ही मंत्र आदि अंकित किए गए हैं। स्काईवाक में प्रत्येक 100 मीटर के बाद आपात निकासी द्वार भी बनाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत बाहर निकाला जा सके।

प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर बेंच तथा कुर्सियां लगाई गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालु स्काईवाक के भीतर थोड़ी देर आराम भी कर सकें। भीतर जगह-जगह एलइडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं, जहां से श्रद्धालुओं को वैष्णो देवी के अलौकिक दर्शन होते रहेंगे। भीतर ही 360 डिग्री एचडी हाईटेक सीसीटीवी भी लगाए गए हैं और सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहेंगे।

नवरात्र में श्रद्धालुओं को समर्पित

वर्तमान में स्काईवाक के अंदर सजावट का कार्य जारी है और नवरात्र से पहले सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग ने बताया कि स्काईवाक को लेकर सभी कार्य समय पर पूरे होंगे और इसे नवरात्र में श्रद्धालुओं को समर्पित कर दिया जाएगा।

इसलिए बनाया गया स्काईवाक : वर्ष 2021 को 31 दिसंबर की मध्य रात्रि को मां के भवन पर भारी भीड़ उमड़ने के कारण भगदड़ मच गई थी, जिससे करीब 14 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। इसी का संज्ञान लेते हुए श्राइन बोर्ड ने भवन पर आधुनिक स्काईवाक बनाने का निर्णय लिया था।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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