
धनबाद
सिंदरी (घनबाद):-3अप्रैल ।राम कथा आयोजन के निमित्त आज भव्य कलश शोभा यात्रा में 251 महिला श्रद्धालुओं माता बहनों ने कलश लेकर और लगभग उतनी हीं बिना कलश के शोभायात्रा में चिलचिलाती धुप में खाली पैर नगर भ्रमण शामिल में हुईं। जिसमें मुख्य यजमान श्रीमती रंजना शर्मा संग श्री अंजनी तिवारी विधिवत पुजा अर्चना किए जिसमें मुख्य रुप से धनबाद की पुर्व मेयर श्रीमती पुर्व मेयर श्रीमती इंदु देवी संग उनकी बहु आशनी सिंह, पुजा अर्चना और खाली पैर नगर भ्रमण में शामिल हुईं कार्यक्रम में श्री राम कथा समिति के अध्यक्ष प्रशांत दुबे, नारी सेवा संघ की अध्यक्ष श्रीमती रंजना शर्मा, पुर्व पार्षद दिनेश सिंह, सह कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, दामोदर दुबे, कौशल सिंह, बृजेश सिंह, उमा शर्मा, अनिता श्रीवास्तव, अनिता देवी , सरस्वती देवी, सारदा सिंह, जूही शर्मा, इंदुबाला देवी, शैलेंद्र द्विवेदी, संपा सिल, पवन ओझा, आदित्य दुबे, राहुल सिंह, सुरज प्रसाद, शशि सिंह, राजेश प्रसाद, राहुल सिंह, नकुल सिंह, पूनम देवी , रीता, गुड़िया, बॉबी देवी, गुडले , राजेश प्रशाद, शिव बहादुर तिवारी, समेत हजारों भक्त शामिल हुए।
संध्या में
सिंदरी में आयोजित श्री राम कथा में कथा के प्रथम दिवस में मुख्य यजमान श्रीमती उषा तिवारी संग श्री अंजनी तिवारी के साथ साथ राम सुंदर दुबे, दामोदर दुबे, श्रीराम कथा राम कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रशांत कुमार दुबे, पुर्व पार्षद दिनेश सिंह, नारी सेवा संघ की अध्यक्ष रंजना शर्मा, सह कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह , पवन ओझा, मोहित मिश्रा, संपा सिल, उमा शर्मा, अनिता श्रीवास्तव, इंदु बाला, शिव बहादुर तिवारी, मनोज माली, जीवितेष जलज, अनामिका तिवारी, आरती किए के निमित्त आज भव्य कलश शोभा यात्रा में 251 महिला श्रद्धालुओं माता बहनों ने कलश लेकर और लगभग उतनी हीं बिना कलश के शोभायात्रा में चिलचिलाती धुप में खाली पैर नगर भ्रमण शामिल में हुईं। जिसमें मुख्य यजमान श्रीमती रंजना शर्मा संग श्री अंजनी तिवारी विधिवत पुजा अर्चना किए जिसमें मुख्य रुप धनबाद की पुर्व मेयर श्रीमती पुर्व मेयर श्रीमती इंदु देवी संग उनकी बहु आशनी सिंह, पुजा अर्चना और खाली पैर नगर भ्रमण में शामिल हुईं कार्यक्रम में श्री राम कथा समिति के अध्यक्ष प्रशांत दुबे, नारी सेवा संघ की अध्यक्ष श्रीमती रंजना शर्मा, पुर्व पार्षद दिनेश सिंह, सह कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, दामोदर दुबे, कौशल सिंह, बृजेश सिंह, उमा शर्मा, अनिता श्रीवास्तव, अनिता देवी , सरस्वती देवी, सारदा सिंह, जूही शर्मा, इंदुबाला देवी, शैलेंद्र द्विवेदी, संपा सिल, पवन ओझा, आदित्य दुबे, राहुल सिंह, सुरज प्रसाद, शशि सिंह, राजेश प्रसाद, राहुल सिंह, नकुल सिंह, पूनम देवी , रीता, गुड़िया, बॉबी देवी, गुडले राजेश प्रशाद, शिव बहादुर तिवारी,
डॉं अमृता करूणेश्वरी जी श्री राम कथा का आरंभ करते हुए विस्तार से कथा के महत्व, श्रीरामचरितमानस की महत्ता, प्रणाम के फायदे/महत्व पर विस्तार से बात करते हुए संतो की महिमा, बच्चों मे प्रणाम के संस्कार डालने से उसके परिवार/समाज पर प्रभाव का बहुत हीं बढिया से विस्तार पुर्वक कथा वाचन कीं जिससे भक्त भावविभोर होकर आनंदित हुए। उन्होंने बताया कथा जीवन को जीना सिखाती है । श्रीरामचरितमानस मानस अर्थात मानव के जीवन में श्री राम के चरित्र को अनुसरण करने की कथा ही रामचरितमानस प्रथम दिवस में कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा भारत की संस्कृति की पहचान है राम भारत की प्राचीनतम भाषा का ज्ञान है राम और कथा में आगे राम कथा की महिमा को गाते हुए देवी जी ने बताया कि गोस्वामी जी ने सबसे पहले गुरुदेव भगवान के चरणों में प्रणाम किया और सिया राम मय सब जग जानी कर हूं प्रणाम जोर जुग पानी ऐसा भाव रखें संत को असंत को भक्तों को भक्तों प्रिय जनों को और नींदको को को सभी को प्रणाम किया क्योंकि प्रणाम जीवन के बुरे परिणामों को अच्छे परिणामों में बदल देते हैं इसलिए गोस्वामी जी ने प्रणाम को प्रधानता दी और बताया कि श्री राम की कथा विमल कथा है विमल याने जिसमें कोई भी त्यागने योग्य बात नहीं है सभी कुछ धारण करने योग्य है हम सभी को श्री राम जी के चरित्र को अपने जीवन में धारण करना चाहिए ।