
जंतर मंतर में पूर्व सैनिक संगठनों का लगातार धरना प्रदर्शन जारी
भारत सरकार से कोई प्रतिक्रिया नही
बल्कि बैंक द्वारा दी गई धनराशि की कटौती करना प्रारंभ
भारतीय पूर्व सैनिक संगठनों द्वारा जंतर मंतर नई दिल्ली में पिछले दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शनों को देखते हुए अभी तक भारत सरकार के अंदर कोई हलचल नहीं पैदा हुई है बल्कि उल्टा 2014 से पूर्व सैनिकों को जो धनराशि दी गई थी वह अब कटौती करना प्रारंभ हो गई है इसका सीधा असर पूर्व सैनिक पेंशनर्स के ऊपर पड़ेगा और जो पहली किस्त धनराशि वन रैंक वन पेंशन की विभिन्न पदों में रहते हुए उन तमाम पूर्व सैनिकों को दी गई थी अब बैंक द्वारा नोटिस जारी किया जा रहा है इसका एक प्रमाण इस पत्र के साथ हमने संलग्न किया है कि किस प्रकार से बैंक द्वारा व्यक्तिगत नोटिस दी गई है और 400000 से ऊपर की धनराशि वापस देने के लिए पूर्व सैनिक पेंशनर्स को चिट्ठी द्वारा सूचित किया गया है इसलिए इस आंदोलन के प्रति भारत सरकार बिल्कुल सजग नहीं है भारतीय मीडिया फाउंडेशन अपने अखबार के माध्यम से पूर्व सैनिकों के साथ में लगातार आवाज उठा रहा है और अब वह समय आ गया है कि एक प्रतिनिधिमंडल भारत के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से सीधी मिले और इस विषय को बड़ी गंभीरता से उनके मानस पटोले रखे और देखें कि वह दिल मंडल द्वारा दिए गए ज्ञापन पर क्या कार्रवाई करते हैं जबकि राष्ट्रीय मीडिया चैनल राष्ट्रीय अखबार चुप्पी साधे हुए इसे साफ जाहिर है कि भारत सरकार पिछले कई दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन के प्रति कोई उत्तर नहीं दे रही है और किसी भी प्रकार का समझौता करने के पक्ष में नहीं है इसलिए अब समय आ गया है कि अपना समय ज्यादा न देते हुए सीधे राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से सीधे मिले और उनको ज्ञापन सौंपा जाए तथा ज्ञापन की प्रतियां राष्ट्रीय चैनल और अखबारों में दिया जाए तभी कुछ संभव हो सकता है अथवा संसद का घेराव किया जाए तभी गूंगी बहरी भारत सरकार को यह पता चलेगा कि हमारे वह वीर जवान जिन्होंने 1962 भारत चीन 1965 भारत पाकिस्तान 1971 भारत पाकिस्तान और उसके बाद चल रहे प्रोक्सी वार तथा 1999 कारगिल युद्ध में हिस्सा लिए हुए ऐसे वह जवान जंतर मंतर में डेरा डाले हुए हैं तो दूसरी तरफ महिला सशक्तिकरण के लिए भारतीय सरकार बहुत आवाज उठाती है लेकिन हजारों वीर नारियां जिनके पति अपना सर्वोच्च न्योछावर कर शहीद हो चुके हैं पिछले कई दिनों से जंतर मंतर में भारत सरकार को जगाने का प्रयास किया जा रहा है परंतु अभी तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा नहीं की गई है जो भारतीय संविधान के अंतर्गत बहुत ही गलत रवैया अपनाया जा रहा है जिस देश में भारतीय जवानों को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना पड़े और गूंगी बहरी सरकार चुप्पी साधे हो तो यह देश कभी भी तरक्की नहीं कर सकता है जवानों के लिए भारत सरकारको सोचना होगा और भारत के रक्षा मंत्री को चाहिए कि इस विषय पर बड़ी गंभीरता से अपना बयान जारी करें!