
*!!.बुंदेलखंड में दो सीईओ के मध्य राजनैतिक टकरार: छतरपुर जिले की जनपद पंचायत बड़ामलहरा में पद को लेकर खींचातानी.!!*
*मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर ने दिया ऑर्डर सीईओ सैयद मजहर अली की फाइल 20 मार्च को तलव: एमएल वर्मा के स्थानांतरण पर लगाई रोक.!!*
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर ने छतरपुर जिले के जनपद पंचायत बड़ामलहरा में सीईओ एमएल बर्मा के तबादले पर रोक लगा दी है l इसके साथ ही बड़ामलहारा सैयद मजहर अली को स्थानांतरण किए जाने को लेकर संपूर्ण फाइल तलब की है, गौरतलब है कि शासन ने छतरपुर जिले में 8 साल तक कार्यरत रहे सैयद मजहर अली का स्थानांतरण भिंड जिले में रौन कर दिया गया था लेकिन अचानक उनका तबादला आदेश बदलकर उन्हें भिंड जिले से छतरपुर जिले में बड़ामलहरा पदस्थ कर दिया गया l साथ ही बड़ामलहरा के सीईओ एमएल बर्मा को रौन भिंड कर दिया गया था l इस पर सीईओ एमएल बर्मा ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर की शरण ली l गौरतलब है कि छतरपुर के जनपद सीईओ सैयद मजहर अली का तवादला शासन ने पूर्व में भिंड जिले में रौन कर दिया था l इस पर सीईओ सैयद मजहर अली को स्टे मिल गया था l इस मामले में शासन कहना था कि सैयद मजहर अली पहले ही जिला छतरपुर में 8 साल 2 महीने की पोस्टिंग बिता चुके हैं l इसलिए उनका छतरपुर में पदस्थ रहना उचित नहीं है l ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसी कौन सी परिस्थितियां इतनी जल्दी बन गई कि उनका तबादला पुनः छतरपुर कर दिया गया l जस्टिक विवेक अग्रवाल ने सीईओ एमएल वर्मा ने तबादले पर रोक लगा दी है, साथ ही यहा नए पदस्थ किए किए l सीईओ सैयद मजहर अली से संबंधित पूरी फाइल 20 मार्च तक तलव की है l