
खाड़ी के देशों में भी भेजा जाएगा यूपी का आलू
लखनऊ। प्रदेश के आलू उत्पादकों को इस बार अपेक्षाकृत ज्यादा अच्छे दाम मिलने की सम्भावना बन रही है। आम के बाद आलू दूसरी औद्यानिक फसल होगी जिसका बड़े पैमाने पर निर्यात किये जाने की तैयारी शुरू की गयी है। केन्द्र के निर्देश पर ऐसा पहली दफा किया जा रहा है।
उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के साथ इन दिनों दुबई के दौरे पर गये उद्यान निदेशक डा.आर.के.तोमर ने बताया कि आलू का निर्यात करने के लिए कारोबारियों से करार किये जा रहे हैं। अभी तक नेपाल व बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों को ही आलू का निर्यात किया जाता रहा है। मगर इस बार समुद्री जहाज से खाड़ी के देशों में आलू का निर्यात करने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आलू की खुदाई अब शुरू हो रही है। शीतगृहों में भण्डारण के लिए पर्याप्त जगह है। आलू उत्पादक शीतगृहों में अपनी उपज के भण्डारण के लिए बुकिंग करवा रहे हैं। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। उद्यान विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बार भी पिछले साल की ही तरह फरवरी में तापमान में तेजी से बढ़ोत्तरी और बोवाई के समय हुई ज्यादा बारिश की वजह से आलू के उत्पादन में 15 प्रतिशत की गिरावट की आशंका बन रही है।