कप्तान की कुर्सी की विश्वसनीयता कायम रखने उच्च स्तरीय जांच जरूरी

खरी – अखरी*

इसी को कहते हैं_ *मेहनत करे मुर्गा अंडा खाये फकीर*

*कप्तान की कुर्सी की विश्वसनीयता कायम रखने उच्च स्तरीय जांच जरूरी*

*हितग्राहियों का चैनोआराम हराम*

*कटनी के बरगवां स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन फायनेंस लिमिटेड के दफ्तर में कुछ लोग सुबह सबेरे तकरीबन 15 मिनट के अंदर देशी कट्टे को अडा़ कर लगभग 15 – 16 किलोग्राम सोना 8 करोड़ रुपये कीमती और हजारों की नगदी के साथ कर्मचारियों के मोबाईल की लूट को अंजाम देकर नौ दो ग्यारह हो जाते हैं। कटनी पुलिस जब तक नींद से जागती है तब तक आरोपी कटनी से चलकर सिहोरा खितौला कुंडम डिंडौरी की सीमा लांघते हुए निवास मंडला पहुंच जाते हैं।*

*लूट की घटना को अंजाम देने वालों में से दो आरोपियों शुभम पिता राजेश तिवारी (24) पटना एवं अंकुश उर्फ विवेक पिता अनिल कुमार साहू (25) बक्सर बिहार को निवास मंडला की पुलिस पकड़कर कटनी पुलिस को सौंप देती है।*

*पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों के मुताबिक लूट को अंजाम देने में अखिलेश उर्फ विकास उर्फ जाॅन वैशाली अर्जुन उर्फ पीयूष उर्फ आयुष जायसवाल पटना मिथिलेश उर्फ धर्मेंद्र पाल बक्सर तथा अमित सिंह उर्फ विक्कू हाजीपुर बिहार भी सशरीर शामिल रहे हैं। बाकी चारों आरोपी गधे के सिर से सींग के माफिक कहाँ गायब हो गए हैं इससे पुलिस अनजान है।*

*उनको भी किसी दूसरे क्षेत्र या राज्य की पुलिस पकडकर कटनी पुलिस को सौंपकर अपनी पीठ ठोंककर बहादुरी बघारने का मौका देगी। सही कहते हैं भाग्यवान की खेती भूत करते हैं। कटनी पुलिस तो मेहनत करे मुर्गा और अंडा खाये फकीर की तर्ज पर काम करने में विश्वास रखती है।*

*कहते हैं कि कटनी के बहुचर्चित पुलिस अधीक्षक सुनील जैन को अपनी होने वाली पदोन्नति के लिए इतनी बेताबी है कि उन्हें उच्चाधिकारियों डीजीपी सुधीर सक्सेना तथा एडीजीपी जबलपुर उमेश जोगा को भी गुमराह करने में हिचकिचाहट नहीं हुई। उन्होंने ताबड़तोड़ बचकानी हरकत करते हुए प्रेसवार्ता आयोजित की और अपनी और अपने मातहतों की शेखी बघारते हुए बताया कि कटनी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।*

*पुलिस कप्तान ने पत्रकारों को बताया कि आरोपियों के पास से 10 – 10 हजार रुपये नगदी के साथ वारदात में उपयोग किया गया देशी कट्टा 1 जिंदा कारतूस मोटर साइकिल MP 21MS 3192 एवं MP 21MJ 4674 बरामद किए गए हैं।*

*जबकि आरोपियों को पकडने में अहम भूमिका निभाने वाले मंडला जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कांवर पत्रकारों को जानकारी दे रहे हैं कि निवास मंडला पुलिस द्वारा जब मोटर साइकिल से जा रहे दो संदिग्ध लोगों को पकड़ कर पूछताछ की गई तो पता चला कि ये कटनी में हुई लूट में शामिल थे। इनके पास से किसी तरह का माल मशरूका नहीं मिला है। माल मशरूका किसी दूसरी गाड़ी में होगा वे भाग गये हैं।*

*तो क्या यह कहना सही नहीं होगा कि देशी कट्टा 1 जिंदा कारतूस और 20 हजार रुपये की व्यवस्था पुलिस अधीक्षक सुनील जैन के निर्देशन पर स्थानीय स्तर पर की गई है !*

*पुलिस अधीक्षक सुनील जैन ने आरोपियों के पास से 15 – 16 किलोग्राम सोने की लूट में से 1 ग्राम सोना तक बरामद होने के साथ ही आरोपियों तथा मणप्पुरम कंपनी के कर्मचारियों के मोबाईल मिलने की कोई जानकारी नहीं दी।*

*मतलब साफ है कि पुलिस को इस संबंध की कोई जानकारी नहीं है और पुलिस इससे ज्यादा कर भी नहीं सकती थी। अपनी फितरत के मुताबिक पुलिस देशी कट्टा और 1 जिंदा कारतूस का इंतजाम तो चुटकी बजाते कर सकती है 10 – 20 हजार रुपये का भी जुगाड़ कर सकती है मगर सोना और मोबाईल कहां से लाती ?*

*पुलिस कप्तान जैन की पत्रवार्ता से हितग्राहियों की सांसें अटक गई है। मणप्पुरम गोल्ड लोन फायनेंस लिमिटेड में गिरवी रखा सोना कब मिलेगा! मिलेगा भी या नहीं! मिलने पर उसमें भी बंदरबांट तो नहीं होगी! तरह-तरह के सवाल हितग्राहियों को सोने के लिए सोने नहीं दे रहे हैं।*

*डीजीपी और एडीजीपी को स्वमेव संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक कटनी सुनील जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला गजेंद्र सिंह कांवर द्वारा पत्रकारों से की गई चर्चा की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराये जाने की जरूरत है ताकि पुलिस अधीक्षक स्तर की विश्वसनीयता कायम रह सके।*

*कह सकते हैं कि पुलिस अधीक्षक सुनील जैन ने अपनी प्रेसवार्ता को मजाक बनाकर रख दिया है। वैसे पुलिस अधीक्षक सुनील जैन इस तरह की बेहूदा पत्रवार्ता पहले भी करते रहे हैं।*

*विजयराघवगढ़ विधायक और एक पत्रकार के बीच हुए विवाद में भी विधायक के पक्षधर बनकर सामने आये पुलिस कप्तान ने बिना आधार पत्रकार का मानमर्दन किया था।*

*कहा जा सकता है कि जबसे सुनील जैन ने कटनी की कप्तानी कुर्सी सम्हाली है तबसे कटनी जिला अपराधिक सफेदपोशों और उनके सिपहसलारों के रहमोकरम पर सांसें ले रहा है। जिलेभर में चारों खूंट हर तरह की चोरी लूट डकैती की वारदातें हो रही है मगर मजाल है कि पुलिस विभाग की निद्रा टूट जाय। देश के किसी भी कोने से कोई भी अपराधिक मानसिकता का व्यक्ति आकर कटनी में अपराध को अंजाम देकर सुरक्षित निकल जाता है।*

*कुछ ही दिनों पहले नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कटनी आकर पुलिस अधीक्षक सुनील जैन की तारीफ के कसीदे पढे थे। इसके बावजूद राजनीतिक वरदहस्त प्राप्त कप्तान के अंगदी पांव जस के तस जमे हुए हैं।*

*अश्वनी बडगैया अधिवक्ता*
_स्वतंत्र पत्रकार_

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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