
करवा चौथ पूजा की थाली में ये वस्तुओं का होना आवश्यक ….पूजन विधि~ सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाएं। स्नानादि करके भगवान की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें।करवा चौथ में महिलाएं पूरे दिन जल-अन्न कुछ ग्रहण नहीं करतीं फिर शाम के समय चांद को देखने के बाद दर्शन कर व्रत खोलती हैं। पूजा के लिए शाम के समय एक मिट्टी की वेदी पर सभी देवताओं की स्थापना कर इसमें करवे रखें।
~~ एक थाली में धूप, दीप, चंदन, रोली, सिन्दूर रखें और घी का दीपक जलाएं।
पूजा चांद निकलने के एक घंटे पहले शुरू कर देनी चाहिए। इस दिन महिलाएं एक साथ मिलकर पूजा करती हैं।
~ पूजन के समय करवा चौथ कथा जरूर सुनें या सुनाएं।
~चांद को छलनी से देखने के बाद अर्घ्य देकर चंद्रमा की पूजा करनी चाहिए।
~पति का मुख चलनी में नहीं देखना चाहिए।।
चांद को देखने के बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलना चाहिए।
~ इस दिन बहुएं अपनी सास को थाली में मिठाई, फल, मेवे, रुपए आदि देकर उनसे सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद लेती हैं।
~करवा चौथ व्रत पारण और चंद्रोदय समय- अलग-अलग शहरों में चांद निकलने के समय में बदलाव हो सकता।।~~अधिक विषय वस्तु हेतु अपने आचार्य पुरोहित से समझिए ।
व्रतार्क नामक ग्रंथ में इसका पूर्ण विवरण प्राप्त होता है।। ।।कथा एवं व्रत आधार ग्रंथ #वामन_पुराण
~~नम: शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम्।
प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।।
करवाचौथ थाली में सबसे जरूरी सामग्री, जानिए पूरी सूची।।
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- चंदन
- शहद
- अगरबत्ती
- पुष्प
- कच्चा दूध
- शकर
- शुद्ध घी
- दही
- मिठाई
- गंगाजल
- कुंकुम
- अक्षत (चावल)
- सिंदूर
- मेहंदी
- महावर
- कंघा
- बिंदी
- चुनरी
- चूड़ी
- बिछुआ
- मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन
- दीपक
- रुई
- कपूर
- गेहूं
- शकर का बूरा
- हल्दी
- पानी का लोटा
- गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी/गोमय
- लकड़ी का आसन
- चलनी
- आठ पूरियों की अठावरी
- हलुआ
- दक्षिणा के लिए पैसे।