प्राइवेट बसों के कारण राजस्व की भारी हानि

प्राइवेट बसों के कारण राजस्व की भारी हानि
फजलगंज व विजय नगर सहित शहर के विभिन्न स्थानो से चलती है प्राइवेट बसे।

कानपुर नगर, यह पहली बार नही है कि प्राइवेट बसों के कारण रोडवेज की बसों की यात्रियों द्वारा अनदेखी की जा रही है। इससे पहले भी रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेताओ ने प्राइवेट बसों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की है, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई ठोस निर्णय नही हो सका है और प्राइवेट बसे लगातार राजस्व को हानि पहुंचा रही है।
रोडवेज बसों पर अधिकांश यात्री अब यात्रा नही करते है। फजलगंज चैराहा, जीटी रोड, विजय नगर सहित कुछ और इलाको से प्राइवेट बसें चलाई जा रही है। यह बसे शहर से दूसरे जनपदो तक पूरी तर फुल होकर जाती है। कुछ समय पूर्व ही एक प्रतिष्ठि समाचार पत्र में भी खबर प्रकाशित हुई थी। बसों द्वारा माल की भी ठुलाई की जाती है लेकिन सम्बन्धित विभाग आंग बंद किए हुए है। लाॅकडाउन के दौरान भी एक बार फिर रोडवेज की बसों का पूरी क्षमता के साथ संचालन किया गया था लेकिन सवारियां न मिलने के कारण वह अब खडी है। कुछ दिन पहले ही रोडवेज प्रबंधन ने मुख्यालय को रिपोर्ट भेजा था, जिसमें कहा था कि प्राइवेट बसों के संचालको द्वारा परमिट शर्तो का उल्लघन किया जा रहा है और लग्जरी बसों पर लगाम लगाने की भी बात कही थी। उनका कहना था कि यदि यही हाल रहा तो रोडवेज कर्मियों को देने के लिए वेतन में भी लाले पडेगे। कानपुर नगर से दिल्ली, गोरखपुर, वाराणसी, जयपुर, अजमेर, इंदौर आदि अन्य शहरो के लिए प्राइवेट बसें चलती है और यात्री इन बसों पर ही सफर करना पसंद करता है। आखिर क्या कारण है कि यात्री रोडवेज की बसों में सफर करना पसंद नही करते है, जब कि रोडवेज की बसों का किराया, प्राइवेट बसों से कम होता है,यदि जल्द ही इस ओर कोई कदम नही उठाया गया तो रोडवेज की बसे बस अड्डो पर शोपीस की तरह खडी रहेंगी।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks