शहर के दो प्राइवेट डाक्टर्स कोरोना पॉजिटिव होने के चलते हडकंप ,झोलाछापों की पौ- बारह ,फैला रहें हैं महामारी ,ध्रतराष्ट्र बना प्रशासन
एटा ! वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा लॉक डाउन व अनलॉक-1 जैसे गंभीर उपायों के बाबजूद भी प्रदेश के अत्यधिक पिछड़े जिले के रूप में पहचान बनाने वाले एटा जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण ने त्वरति गति के साथ समूचे जिले को अपने आगोश में समेटते हुऐ अाम आदमी को अपनी गिरफ्त मे लेते हुऐ अब कोरोना संक्रमण के विरुद्ध जेहाद छेडने वाले डाक्टर्स को भी नहीं बख्शने का ऐलान कर दिया है ! ञातव्य हो कि शहर के दो वरिष्ठ डाक्टरों जिनमे डा0 मुकेश जैन व डा0 प्रदीप कुमार गुप्ता को कोरोना सक्रंमण ने अपना शिकार बनाते हुए जहां सीएमओ के यहां पंजीक्रत डाक्टरों में हडकंप जैसे हालात पैदा कर दिए हैं तो वहीं इसके इतर स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की लापरवाही व अनदेखी के परिणाम स्वरूप शहर के अन्दर कुकुरमुत्तों की भांति गली मुहल्लों मे अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों, नर्सिंग होम्स, गर्भपात केन्द्रों पर अचानक बढती मरीजों व उनके तीमारदारों की जबर्दस्त भीड ने सोशल डिसटेन्स की बखिया उधेडते हुऐ कोरोना वायरस संक्रमण की बढती रफ्तार को और तेज कर दिया है ! यह अवैध रूप से संचालित झोलाछापों की सम्पूर्ण कुण्डली जिले के स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूद है लेकिन बढती महामारी को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग इन झोलाछापों पर आखिर क्यों मेहरबान है ये तो स्वास्थ्य विभाग ही जाने लेकिन जिला प्रशासन भी इस और कोई आवश्यक कदम न उठाते हुऐ ध्रतराष्ट्र की भूमिका में नजर आ रहा है !
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