
रीवा ज़िलें में समस्त अमृत सरोवरों पर लहराये तिरँगें, जगाई जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती एवम देश भक्ति कि अलख।
▪️अमृत महोत्सव अंतर्गत हर घर तिरँगा अभियान में अमृत सरोवर एवम पुष्कर धरोहर में तिरँगा लहराते हुए देश भक्ति, जल सरंक्षण,व्रक्षारोपण,प्रकृति खेती ,अमृत सरोवर अपना सरोवर पर शपथ एवम जन जागरूकता।।
जल से ही जीवन है जल से ही आजीविका जुड़ी हुई हैं ,यदि गाँव मे स्वरोजगार उपलब्ध हो सके तो आत्म निर्भर बन सकते है।इस समस्या को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद मोदी जी ने आजादी के 75 वर्ष में आजादी के अमृत महोत्सव को मनाते हुए प्रत्येक ज़िलें में 75 अमृत सरोवर निर्माण करने के साथ ही पूर्व में बने हुए तालाब जो समय के साथ जल धारण क्षमता कम हो गई या जीर्णोद्धार नही होने से जलभराब नही हो रहा ऐसे तालाबों एवम निर्मित अन्य सरंचनाओं के जीर्णोद्धार का आवाहन किया।
जिसमें प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में सभी ज़िलें मे अमृत सरोवर निर्माण एवम पुष्कर धरोहर के कार्य प्रधानमंत्री महोदय के सपने अनुसार करने का बीड़ा उठाया। पूरे प्रदेश में सभी जिलों को अमृत सरोवर निर्माण,पुष्कर धरोहर के कार्य के प्रमुखसचिव श्री उमाकांत उमराव द्वारा जारी निर्देश एवम कमिश्नर रीवा संभाग श्री अनिल सुचारी महोदय ,श्री मनोज पुष्प कलेक्टर रीवा के कुशल मार्गदर्शन में जल अभिषेक अभियान अंतर्गत अमृत सरोवर निर्माण एवम पुष्कर धरोहर के कार्य किये जा रहें हैं ,आज़ादी के अमृत महोत्सव में हर घर तिरँगा अभियान में उक्त संरचनाओं में तिरँगा लहराते हुए व्रक्षारोपण कर जल संरक्षण कि शपथ के निर्देश श्री स्वप्निल वानखड़े मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा द्वारा संबंधित को दिए गए हैं। अमृत सरोवर बहु उद्देशीय योजना है जिसमे रीवा ज़िलें द्वारा निम्न प्रमुख उद्देश्य को लेकर कार्य किया जा रहे जो अग्र लिखित हैं।
▪️ अमृत सरोवर जल संरक्षण –
अमृत सरोवर स्वतंत्रता कि 75 वी वर्षगाँठ पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा हैं जिसमें स्वाबलंबन हेतु ग्रामीण इलाकों में जल की समुचित उपलब्धता हेतु अमृत सरोवर निर्माण किये जा रहे हैं। निर्मित अमृत सरोवर में ग्राम में जल उपलब्धता बढ़ना हैं, जिसे ग्राम में सहज पानी की उपलब्धता बनी रही, वर्षा जल संचय हो जिसमें फलस्वरूप भूमिगत जल में बढ़ोतरी हो। ज़िलें में 115 अमृत सरोवर निर्माणधीन है जिसमें लगभग 17 लाख क्यूबिक मीटर जल का भराव होगा अभी तक रीवा ज़िलें में 11 अमृत सरोवर का निर्माण पूर्ण हो चुका हैं शेष निर्माणधीन यथा शीघ्र पूर्णता की ओर अग्रसर हैं।
▪️ अमृत सरोवर जल से ग्राम स्वावलंबन–
- निर्मित अमृत सरोवर से पानी का उपयोग कृषक/ उपयोग कर्ता समूह सिंचाई के लिए कर सकेगें,जिससे पड़त भूमि में कृषि कार्यो एवम एक फसल से भूमि दो फसल ले सकेगें।
2.प्राकृतिक खेती–
कृषकों को चयन कर कृषि विभाग से समन्यव करते हुए प्राकृतिक खेती करनें हेतु प्रेरित किया जा रहा ,कृषक छोटे रकबे में प्राकृतिक खेती अभी प्रारंभ करें इसके प्रयास किये जा रहें हैं। - अमृत सरोवर में मत्स्य पालन,सिधाड़ा उत्पादन कर कृषक/ समूह को चयनित कर आतंरिक आय साधन बनें।
- अमृत सरोवर के आसपास फलदार/ छायादार व्रक्ष का रोपण किया जायेगा।
▪️ अमृत सरोवर से स्वत्रंत्रता सेनानी/शहीदों को श्रद्धांजलि –
निर्मित किये जा रहे अम्रत सरोवर का नामकरण स्वत्रंत्रता सेनानी या शहीदों के नाम मे किया गए है, साथ हि इसके लोकार्पण ज़िलें/विकासखंड के स्वतंत्रता सेनानी या शहीदों के परिवार जनों से किया जा रहा है। अमृत सरोवर में स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त में ध्वजा रोहण किया जाएगा जिस हेतु ध्वज स्टैण्ड निर्माण पूर्णता में हैं।
▪️ तिरँगा लहराते हुए देश भक्ति एवम “अपना गाँव अपना सरोवर” की भावना जागृति–
ज़िलें में निर्मित अमृत सरोवरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण जनों ने हाथ मे तिरँगा लिए हुए अपना गॉव अपना सरोवर की भावना से पहुँच कर मानव श्रंखला बनते हुए तिरँगा फ़हराया, जल संरक्षण की शपथ लेते हुए व्रक्षारोपण किया। अमृत सरोवर के बेहतर उपयोग, सरंक्षण एवम अपना मानने कि अलख ग्राम ग्राम जागते हुए रैली निकाली गई।
रीवा ज़िलें में निर्मित सभी अमृत सरोवरों एवम पुष्कर धरोहरों कार्यों में तिरँगा फहराते हुए जल संरक्षण, व्रक्षा रोपण,प्राक्रतिक खेती एवम अपना गॉव अपना अपना सरोवर हेतु शपथ एवम जन जागरूकता कि गईं।जिसमे स्थानीय कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणजन हाथों में तिरँगा लिए उपस्थित रहें।