पीएम मोदी ने बताया, कहां से आया गरीब कल्याण रोजगार योजना का आइडिया

 

  • गरीब कल्याण रोजगार नाम से एक अभियान की शुरुआत
  •  इस योजना का आइडिया उन्नाव के एक स्कूल से आया है

कोरोना वायरस की वजह से लागू हुए लॉकडाउन में लाखों प्रवासी मजदूर अपने घर वापस लौटे हैं. इन मजदूरों के सामने रोजगार का संकट है. इस संकट को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार नाम से एक अभियान की शुरुआत की है.

इस योजना के आइडिया की कहानी बेहद दिलचस्प है. दरअसल, इस योजना का आइडिया उन्नाव के एक स्कूल में रह रहे मजदूरों की वजह से आया है. योजना की लॉन्चिंग करते हुए पीएम मोदी ने इसके बारे में विस्तार से बताया.

उन्नाव के स्कूल से मिला आइडिया

उन्होंने उत्तर प्रदेश के उन्नाव की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, ”उन्नाव के एक क्वारनटीन सेंटर में दक्षिण भारत के मजदूरों को रखा गया था, इन मजदूरों को रंगाई पुताई में महारत थे. इन मजदूरों ने क्वारनटीन सेंटर की रंगाई पुताई करके स्कूल का रंग रूप ही बदल दिया.” पीएम मोदी ने आगे बताया कि ये खबर जब मैंने मीडिया में देखी तो गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू करने का मन बनाया.

इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आप सोचिए, कितना टैलेंट इन दिनों वापस अपने गांव लौटा है. देश के हर शहर को गति और प्रगति देने वाला श्रम और हुनर जब ग्रामीण इलाकों में लगेगा तो इससे राज्य के विकास को भी गति मिलेगी.

116 जिलों में अभियान चलाया जाएगा

पीएम मोदी ने बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के 116 जिलों में ये अभियान पूरे जोर-शोर से चलाया जाएगा. गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत आपके गांवों के विकास के लिए, आपको रोजगार देने के लिए 50 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं. इस राशि से गांवों में रोजगार के लिए, विकास के कामों के लिए करीब 25 कार्यक्षेत्रों की पहचान की गई

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