
#यूपीएटा,
काम बोलता है साहब—
एटा-दस जून आगरा रोड कमशान पुलपर डा,ब्रजेश यादव उद्योगपती द्वारा एक प्रोग्राम रखा गया,आप सभी पाठकों को अवगत कराना हैकि जिला एटा मे इस नहर पर दो गोताखोर भाई टायर पंचर से रोटी रोजी कमाने बाले रवेंद्र, और जुगेंद्र, दो सगे भाई2003,से निस्वार्थ सेवा दे रहे है सेवा के भी रूप अलग अलग होते है इन दोनों भाइयों की सेवा द्वारा अबतक,350,इंसानों को जीवन दान मिल चुका है यूतो हम यह शब्द बड़ा गुरूर और अटपटा सा लिख रहे है कि 350लोगों को जीवन दान—लेकिन यह सत्य है कि ईश्वर का अद्रश्य रूप किसी ना किसी अच्छे इंसान मे अच्छे कर्म के रूप मे देखने को मिलता है वही इन दोनों भाइयों—रवेंद्र, और जुगेंद्र,का बड़ा भाई बीमारी से अभी कुछ महीने पूर्व की मौत हो गई पीछे रह गया तढपता परिवार जिसमे बूढी माँ और पत्नी, चार बच्चों के इस परिवार को अभी तक शासन, और प्रशासन,ने सच्ची श्रद्धांजलि तक नही दी जाकर कि किस हाल मे यह परिवार है हर सत्ता ने कलम और कर्म को इग्नोर किया है पर यह दोनों भाई अपनी जानकी बाजी लगाकर 350,लोगों को उफनती नहर के पानी और मगरमच्छों के झुंडो के मुँह से छीनकर अपनी मानवता का परिचय देते रहे लेकिन सर्मनाक तो सत्ताऔं का कर्म रहा जो रोजी रोटी की जगह इन्हें प्रसस्त पत्रों से सम्मानित करते रहे जुगेंद्र की मौत के बाद इन प्रसस्त पत्रों को परिवार ने बहुत निचोडा़ भूँख लगने पर,पर कागजों से रोटियां और मानव के जीवन के भरणपोषण जैसा कुछ नहीं निकला धूल फाँकते यह प्रसस्त पत्र सत्ताऔं के चेहरों को आईना की तरह जरूर दिखा रहे है, कि मानवता,और त्याग की कीमत क्या है आजके बदलते परिवेश मे,लेकिन संकुचित सोचका कृत्य और भी भयानक सामने आया इन भाइयों की सेवा की खींचातानी जब दो जिलों मे उस मासके टुकड़े की तरह लगी जैसेकि दो गुटों के जानवर,साहब त्याग पर इस तरह राजनीति का होना आज राजनीति को सर्मसार कर रहा है,जबकि इन दोनों भाईयों ने अपने कर्म को 2003से अपनी कर्म भूमि,जिला, एटा कोही बना रखा है,तब सरकारों को मुहर लगा रोजगार देना दोनों जिलों की प्राथमिकता मे आता है,खैर ऐसे मे मै धन्यवाद देती हूँ डा,ब्रजेश यादव को जिंन्होने जिला की दो निस्वार्थ सेवा करने बाली हस्तियों को नाकि सम्मान दिया आर्थिक सहयोग भी दिया,जलेसर, मे दयाराम पागल की मूर्ति प्रतिभा स्थापित करके उस पागल को अमर कर दिया,दूसरा स्व,जुगेंद्र के परिवार को एक लाख की आर्थिक सहयोग देकर मानवता का परिचय दिया बल्कि एटा जिला की गिरती कर्म की साखपर आँचल, समान आचरण भी ,हम किसी भी ब्यक्ति विशेष की तारीफ कभी नहीं करते है हमतो कर्म विशेष की तारीफ—धन्यवाद ब्रजेश–
लेखिका, पत्रकार, दीप्ति चौहान।