
अमृत योजना की वाटर लाइन तो बिछी पर पानी न पहुँच सका – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – घर-घर भरपूर जलापूर्ति के लिए सालभर पहले बनी मिनी ट्यूबवेल की योजना धरातल पर न उतर सकी। शुरुआत में इसके टेंडर निकाले गए थे। लेकिन, एजेंसियों ने रुचि नहीं दिखाई। बीते साल दिसंबर में निकाले गए टेंडर की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ सकी है। अमृत योजना के तहत शहर में वाटर लाइन बिछाकर कनेक्शन तो दिए गए, मगर कई क्षेत्रों में अब भी पानी नहीं पहुंच सका है। कहीं वाटर लाइन में लीकेज से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है तो कहीं आपरेटर के अभाव में ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे। विद्युत व्यवस्था बाधित होने से भी जलापूर्ति प्रभावित रहती है। इन्हीं समस्याआें के निदान के लिए सालभर पहले तत्कालीन नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने मिनी ट्यूबवेल प्रोजेक्ट पर मुहर लगाई थी। प्रत्येक वार्ड में एक मिनी ट्यूबवेल लगाने की योजना बनी। ट्यूबवेल के साथ पानी की टंकी बननी थी। बिजली जाने पर इसी टंकी से पानी भरा जा सके। ऐसे 100 ट्यूबवेल लगने थे। ये प्रोजेक्ट करीब छह करोड़ रुपये का था। एक ट्यूबवेल पर छह लाख रुपये खर्च किए जाने थे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई थी। तब उपयुक्त स्थान न मिल पाने से प्रक्रिया रुक गई। फिर एजेंसियों ने हाथ पीछे खींच लिए। दो एजेंसियों ने टेंडर डाला था, मगर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के लिए कम से कम तीन एजेंसियां होना अनिवार्य हैं। इसके चलते योजना ठप पड़ी रही। फिर दिसबंर, 2021 में टेंडर निकाला गया। 14 जनवरी को टेंडर खुलना था। तब आचार संहिता के चलते प्रक्रिया आगे न बढ़ सकी।