
किसान दबाए बैठे हैं बैंक का 344 करोड़ रुपये, कमिश्नर ने डीएम को दिए निर्देश – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – मंडल में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की वसूली की स्थिति काफी खराब है। चारों जिलों के 16,666 किसान सहकारी बैंक शाखाओं का करीब 344 करोड़ रुपये दबाए बैठै हैं। यह सभी किसान एक-एक लाख से बड़े बकाएदार हैं। इन किसानों में से 5592 तो ऐसे हैं, जिनकी आरसी भी जारी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी वसूली की रफ्तार सुस्त है। अब तक महज 306 किसानों ने ही साढ़े तीन करोड़ की धनराशि जमा की है। अब मंडलायुक्त गौरव दयाल ने मंडल के चारों जिलों के डीएम को पत्र लिखकर वसूली कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक किसानों को कृषि कार्य व कृषि में उपयोगी साधन खरीदने के लिए लाेन देती है। समितियों के सदस्यों को ही यह लोन दिया जाता है। पिछले दिनों मंडलायुक्त गौरव दयाल ने अलीगढ़, हाथरस, एटा व कासगंज जिले में सहकारी बैंक की वसूली की समीक्षा की थी। इसमें काफी चौंकाने वाली स्थिति सामने आई थी। समीक्षा में सामने आया था नवंबर तक मंडल में सभी कर्जदारों से कुल 150 करोड़ की वसूली होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक महज 18 करोड़ की धनराशि वसूली हुई है। यह लक्ष्य के सापेक्ष 12.18 प्रतिशत है। वहीं, मंडल में कुल 17955 किसान एक-एक लाख से अधिक के कर्जदार हैं। इन सभी पर कुल 357 करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन इनमें से अब तक महज 1289 किसानों ने ही 13.34 करोड़ की धनराशि दी है। यह लक्ष्य के सापेक्ष 3.73 प्रतिशत है। मंडल के चारों जिलों में 16666 किसान अब भी करीब 344 करोड़ की धनराशि दबाए बैठे हैं।