जेल सुधारों के क्षेत्र में रघुनंदन को डॉक्टरेट की मानद उपाधि

जेल सुधारों के क्षेत्र में रघुनंदन को डॉक्टरेट की मानद उपाधि।

बंदियों के कल्याण के लिए 15 वर्षों से कर रहे हैं काम
मिल चुके हैं कई राष्ट्रीय पुरस्कार
किंग्डम आफ टोंगा विश्वविद्यालय करेगा सम्मानित

एटा 27 नवंबर। जेल सुधारों की क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से सफलतापूर्वक कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता डॉ प्रदीप रघुनंदन के हिस्से में एक उपलब्धि और आई है। साउथ पेसिफिक ओसियन कंट्री किंगडम ऑफ टोंगा के विश्वविद्यालय कॉमनवेल्थ वोकेशनल यूनिवर्सिटी ने उत्तर प्रदेश के कारागार में श्री रघुनंदन के द्वारा संचालित किए जा रहे हैं जेल सुधार अभियान मसलन बंदियों के जेल में रहते हुए उन्हें उच्च जीवन मूल्यों से जुड़ना ,बंदियों के बीच शिक्षा ,संस्कार की मुहिम संचालित करना ,बंदियों के स्वास्थ्य के लिए योगा एवं हेल्थ शिविरों का आयोजन, बंदियों के बीच रचनात्मक लेखन की मुहिम संचालित करके उन्हें साहित्य की विभिन्न विधाओं कविता कहानी गीत गज़ल एवं उपन्यास से जोड़ने की मुहिम तथा जेलों में बंदियों की शिक्षा हेतु विशेष व्यवस्था करने के उनके विशिष्ट प्रयासों के आधार पर किंगडम ऑफ टोंगा के
कॉमनवेल्थ वोकेशनल विश्वविद्यालय ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से विभूषित किए जाने का निर्णय लिया है।
कॉमनवेल्थ वोकेशनल विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर डॉ रेपो रंजन सिन्हा की ओर से जारी पत्र में रघुनंदन के जेल सुधार अभियान को बंदियों के कल्याण हेतु उत्कृष्ट माना गया है जो बंदियों को मानसिक तनाव, अवसाद एवं निराशा से उतारकर उन्हें रचनात्मक दिशा में प्रेरित करने का काम कर रहा है, जिससे बंदी जेल में रहते हुए भी अपने अंदर उच्च आदर्श मूल्यों की स्थापना कर पाने में सक्षम हो रहे हैं।
ज्ञातव्य है कि सामाजिक कार्यकर्ता डॉ प्रदीप रघुनंदन पूर्व में भी मेवाड़ विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में पीएचडी की उपाधि हासिल कर चुके हैं। जेल सुधारों के क्षेत्र में किंगडम ऑफ टोंगा की कॉमनवेल्थ वोकेशनल यूनिवर्सिटी के द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जेल सुधारक प्रदीप रघुनंदन ने कहा कि एटा के लिए यह गर्व का विषय है l मैं पिछले 15 वर्षों से जेल सुधारों के क्षेत्र में काम कर रहा हूं मेरा मानना है कि जेल आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपराधी नहीं होता l कभी-कभी परिस्थितियां या फिर क्षणिक आक्रोश व्यक्ति को कारागार में पहुंचा देता है। हमारा प्रयास रहता है कि कारागार पहुंचने के बाद व्यक्ति की मानसिक स्थिति सामान्य बनी रहे और वह जेल में रहते हुए भी अपने जीवन को रचनात्मक दिशा में विकसित कर सकें l यही उद्देश्य लेकर हम बंदियों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं।
जेल सुधारक डॉ प्रदीप रघुनंदन को वर्ष 2008 में आईएसओ अवार्ड ,वर्ष 2008 में डीआईजी अवार्ड, वर्ष 2005 में तुलसी सम्मान ,वर्ष 2018 में राष्ट्रीय जेल सेवा सम्मान वर्ष ,2017 में युवा रत्न सम्मान वर्ष 2019 में सजग जेल प्रहरी सम्मान, 2020 में इंटरनेशनल आइकॉन अवार्ड , वर्ष 2020 में नेशनल लोक नायक अवार्ड ,26 जनवरी 2021 में जेल महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री आनंद कुमार के द्वारा उन्हें उनकी विशिष्ट जेल सेवाओं को सम्मानित किया जा चुका है l वह उत्तर प्रदेश के जेल महानिदेशक की ओर से जेल सुधार अभियान संचालित किए जाने के लिए अधिकृत किए जा चुके हैं। रेडियो ऑस्ट्रेलिया उनके जेल सुधार अभियान पर एक 10 मिनट की ऑडियो सीरीज भी प्रसारित कर चुका है।
श्री रघुनंदन को जेल सुधारों के क्षेत्र में डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान किए जाने के निर्णय पर वरिष्ठ अधिवक्ता मनमोहन वर्मा,श्री महेश चंद्र शर्मा वरिष्ठ अधिवक्ता ,लोकेश मिश्रा ,वैभव शर्मा प्रतीक चतुर्वेदी ,रामनिवास यादव, महेश पंडित रामविलास यादव, आदर्श गुप्ता ,सुरेंद्र मिश्रा ,सुबोध पंडित ,अमित स्वरूप सक्सेना ,जितेंद्र कुमार मेघावत शास्त्री , शराफतअली काले गणमान्य नागरिकों ने हर्ष व्यक्त किया है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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