
जल का अत्याधिक दौहन करने वालों की अब खैर नहीं, आर. ओ. प्लांट वालों पर भी कसेगा शिकंजा, हर प्रकार के बोरिंग पर करना होगा पंजियन!
व्यर्थ जल बहाने वाले को जेल और अर्थ दण्ड दोनों भुगतने पड़ सकते हैं, मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र ने बताया कि जनपद में अत्यधिक संख्या में खुल रहे आर . ओ प्लांट लगाने वालों के विरुद्ध संयुक्त रूप से अभियान चलाया जायगा! भूजल सर्वेक्षण विभाग /लघु सिंचाई विभाग तथा प्रशासन संयुक्त रुप से अभियान चलाएंगे, उन्होंने बताया कि कि सरकार अन्डर ग्राउंड वाटर एक्ट 2019 लागू कर दिया गया है जिसके तहत बोरिंग का पंजियन आवश्यक है औद्योगिक उपयोग के लिए की गई बोरिंग के लिए 5,000 रु तथा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए 5,000 रु देना होगा भूजल सर्वेक्षण विभाग बेवजह पानी की बर्बादी करने वालों, सम्बर्सैबिल पंम्प से बिना कारण पानी बहाने वालों पर नजर रखेगी, किसी भी पंजियन के बिना बल्क यूजर जैसे होटल, हास्पीटल, गाड़ी धुलाई सेन्टर, आर ओ प्लांसंचलित नहीं हो सकैगे पंजियन और. अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन आन लाइन निमेष मित्रा पोर्टल पर किया जा सकेगा, सहायक अभियंता लघु सिंचाई / नोडल अधिकारी भूजल प्रबंधन मुकीम अहमद ने बताया कि कि बोरिंग करने वाली ड्रिलिंग मशीन काभी पंजियन अनिवार्य है!