धीरे-धीरे और रोस्टर के हिसाब से ही सभी बाजार खुलने से रौनक लौटने लगी है। दुकानें खुलीं तो ग्राहक भी आने लगे हैं। पहले कुछ पर अब लगभग सभी सामान के खरीदार आने लगे हैं। दो पहिया वाहनों के साथ ई-रिक्शा और रिक्शाओं के चलने से लोग राहत महसूस कर रहे हैं। सोमवार को रोस्टर के अनुसार बर्तन बाजार बंद और सर्राफा बाजार खुला। साथ ही स्टेशनरी, किताब, मशीनरी, मेडिकल स्टोर, दोपहर 12 बजे तक डिलारी बाजार , ठाकुरद्वारा बाजार, भोजपुर बाजार , और सभी प्लास्टिक की सीट और खेल खिलौनों की दुकानें खुली रहीं। इन पर ग्राहकों की आमद भी खूब रही। जब बाजार खुले थे तो लोगों की प्राथमिकता कूलर पंखे और एसी आदि खरीदने की रही। मगर अब जैसे जैसे बाजार खुलते जा रहे हैं सभी सामान के खरीदार भी बाजार पहुंचने लगे हैं। दो पहिया वाहनों के साथ रिक्शा, ई-रिक्शा और टेंपो से भी लोग आने लगे हैं। सोमवार को ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों की संख्या काफी रही। यह लोग अभी तक मानपुर,डिलारी ,पीलकपुर ,ढकिया ,ठाकुरद्वारा में बिजली का सामान खरीदने ही आ रहे थे।मुरादाबाद में सोमवार को लोग बुधबाजार में पशुओं का चारा काटने वाली मशीन सहित अन्य सामान भी खरीदते नजर आए। लोगो ने बताया कि कटरा नाज दोपहर में जल्दी बंद होने से उन्हें निराशा हुई। क्योंकि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी राशन के अलावा अन्य सामान समाप्त हो चला है। उसकी भी खरीदारी की जरूरत है। इसीलिए अब कटरानाज के खुलने का समय भी बढ़ना चाहिए। दूसरीओेर बाजार नियमित खुलने से लोगों की आवाजाही तो बढ़ी है। मगर दुकानों पर भीड़ भी छटनी शुरू हो गई है।