एमबीबीएस डॉक्टर व ग्रामीण खुद साफ कर रहे हैं नालियां
♦ कई सालों से नहीं साफ हुई है नालियां
♦ खतरे में है ग्रामीणों का स्वास्थ्य
कोरोना काल में है गांव में गंदगी के अमवार
मुरादाबाद , गांवों में साफ-सफाई के लिए भले ही सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं, लेकिन गांवों की स्थिति देखकर ऐसा लगता है नालियों की सफाई हुए एक जमाना हो गया है। सरकार सफाई कर्मियों को मोटी तनख्वाह तो देती है, लेकिन काम का कोई हिसाब नहीं लेती है। ऐसे में सफाई कर्मी अपनी ड्यूटी ईमानदारी से नहीं करते हैं। कई-कई दिन गांवों में सफाई करने के लिए नहीं जाते हैं। इससे गांवों में गंदगी फैली है। बारिश में गंदगी से कोरोना जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है, लेकिन सफाई कर्मियों की मनमानी के चलते तमाम कोशिशें नाकाम हो रही हैं। गांवों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। जगह जगह कुड़े के ढेर लग गए है। नालियों में गन्दा पानी जमा हो रहा है। गंदगी की वजह से खतरनाक कोरोना जैसी बीमारियां फैल रही हैं। बड़ी ग्राम पंचायतों में कई कई सफाई कर्मी नियुक्त हैं, लेकिन सफाई कर्मी गांवों में सफाई करने के बजाए नेताओं व अफसरों के घर काम कर रहे हैं। जिला प्रशासन की सुस्ती के चलते सफाई कर्मियों के हौसले बुलंद हैं।
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कुछ ऎसा ही मामला डिलारी थाना क्षेत्र के ग्राम चांदखेड़ी का है चांदखेड़ी में पिछले छह माह से सफाई कर्मी नहीं पहुंचा है। गांव में जगह जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। मजबूरी में एमबीबीएस डॉक्टर एव ग्रामीण अपने हाथ से नालियों की सफाई कर रहे हैं।बतादेकि युसूफ विदेश में रहकर एमबीबीएस डॉक्टर की पढ़ाई कर रहे है | जब कई माह से गांव में सफाई नहीं हुई तो युसूफ ने कुछ ग्रामीणों से बात कर उन्हें साथ लेकर कूद ही सफाई करने में जुट गये और धार्मिक स्थल की और जाने वाले रस्ते व नाले की सफाई करने लगे | ऐसे में ग्रामवासियों में गुस्सा है।सफाई कर्मी ग्राम प्रधानों के घर सफाई कर रहे हैं। गांवों में सफाई नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर युसूफ और कुछ ग्रामीण रस्ते के सामने नाली व कचड़ा साफ कर थे तब इस संवाददाता ने पूछ -ताछ की तब ग्रामीणो ने बताया कि राजनीतिक पार्टियां व प्रधान सिर्फ वोट मांगने ही आते है । कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विभागीय अधिकारी तो कहते है, गांवों में गंदगी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिस गांव में गंदगी या नालियों की सफाई नहीं मिली तो नियुक्त सफाई कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांवों को साफ सुथरा बनाना पहली प्राथमिकता है। लेकिन ये सब मुंह से कहने की बात है।धरातल पर कुछ भी नहीं। वहीं अन्य ग्रामीणों की माने तो ग्राम प्रधान सफाई कर्मी से कमीशन लेकर सफाई कर्मी का साथ दे रहे है।
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