अंग्रेजों का झंडा उतार फहरा दिया था तिरंगा

अंग्रेजों का झंडा उतार फहरा दिया था तिरंगा
एटा। स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन 1932 में चरम पर था और एटा के कई सेनानी व क्रांतिकारी अपने-अपने स्तर से आजादी की जंग में योगदान दे रहे थे। एटा के क्रांतिकारी रघुवीर सिंह शर्मा ने साथियों की मदद से मेहता पुस्तकालय से अंग्रेजों का झंडा उतार फेंका था और तिरंगा फहरा दिया। इसके लिए उन्हें छह माह के कारावास और 15 रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। घटना का उल्लेख साहित्यकार डॉ. महावीर द्विवेदी की मंगलम पुस्तक में किया गया है।
सेवानिवृत्त हिंदी प्राध्यापक डॉ. प्रेमीराम मिश्रा बताते हैं कि गांधी जी के असयोग आंदोलन वापस लेने के बाद अंग्रेजों के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियां और तेज हो गई थीं। एटा के वीर सपूतों ने आजादी की जंग में पुरजोर तरीके से दमखम दिखाया था। अक्सर अंग्रेज अफसरों और उनके कारिंदों से क्रांतिकारियों की मुठभेड़ हो जाती थी। गुपचुप तरीके से बैठकें कर युवा क्रांतिकारी रणनीति तैयार करते थे। इसी के तहत रघुवीर शर्मा ने अपने कुछ साथियों की मदद से 1932 में मेहता पुस्तकालय पर तिरंगा ध्वज फहरा दिया था। इसकी जानकारी होने पर अंग्रेजी हुकूमत में हड़कंप मच गया। कुछ ही समय में रघुवीर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें छह माह के कारावास की सजा और 15 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks