
गंगा जमुनी तहजीब के शहर एटा में सादगी की मिसाल बने राकेश गांधी के दुर्ग को भेदना नामुमकिन —————————————-
सपा एवं भाजपा के कद्दावर भी सत्ता में रहकर पालिका चुनाव में खा चुके हैं करारी शिकस्त
विकास की आंधी राकेश गांधी के नारे को धरातल पर आइना बतौर दिया सकारात्मक स्वरूप
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एटा ( जिला नजर ) राजा संग्राम सिहं के द्वारा बसाऐ गऐ गंगा जमुनी तहजीब के शहर एटा में पिछले एक दशक से पालिका परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर हुऐ चुनावी संग्राम में सपा एवं भाजपा की सत्ता होने के बावजूद भी अपनी मधुरम व्यवहारशाली व सादगी का परिचय देकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विजय का परचम फहराने वाले प्रमुख समाजसेवी राकेश गांधी व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मीरा गांधी तीसरे दौर में भी पालिकाध्यक्ष के चुनावी महासंग्राम में हैट्रिक मारकर महाविजय की परचम लहराने की ओर अग्रसर होते नजर आ रहे हैं ! हांलाकि अगले पालिका परिषद चुनाव में अभी से अध्यक्ष पद को लेकर सक्रिय युवा क्रान्तिकारी चेहरे ये जानते हुऐ भी कि जब सत्ता का रसूख रखने वाले सत्ताधारी राजनैतिक दलों के अधिक्रत सशक्त उम्मीदवार अपनी सारी ताकत झोकंकर व जिला प्रशासन पर भी अनुचित दबाब डलवाकर विजय का वरण नहीं कर सके तो तीसरी बार नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर होने वाले चुनावी अखाडे में वह किस स्थान पर खडे होंगें यह जनता जनार्दन के निर्णय में निहित होगा ! बहराहल 2012 में सपा सरकार के रहते समपन्न हुऐ एटा नगर पालिकाध्यक्ष के निर्वाचन में जब मतदाताओं की संख्या 1.18.000 के आसपास रही तब पिछले सभी ऐतिहासिक रिकार्ड तोड़क राकेश गांधी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सभी वर्गों का 19.990 मत प्राप्त कर अपने चुनाव चिन्ह सितारा को चमकाते हुऐ शानदार विजय की ओर अग्रसर हुऐ तथा उन्होने उस समय जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं वैश्य समाज के दिग्गज नेता प्रमोद गुप्ता की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी गुप्ता को पराजित किया ! कांग्रेस के बैनर तले चुनावी समर में उतरी श्रीमती माधुरी गुप्ता को उस दौरान मात्र 10.000 मतों पर ही संतोष करना पडा ! इसी तरह नवम्बर 2017 में भाजपा शासनकाल के रहते दूसरी बार समपन्न हुऐ पालिकाध्यक्ष के चुनावी रण में राकेश गांधी की धर्मपत्नी श्रीमती मीरा गांधी महिला सीट आरक्षित होने के चलते मैदान-ए-जगं में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार उतरीं तो उस दौरान नगर पालिका परिषद क्षेत्र के मतदादाओं की संख्या लगभग 1.35.000 हो गई थी , उस दौरान श्रीमती मीरा गांधी 15465 मत प्राप्त करते हुए कडी मशक्कत के बाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता की पुत्रवधु भाजपा की सशक्त उम्मीदवार श्रीमती शालिनी गुप्ता को पराजित कर विजय का वरण किया था! भाजपा उम्मीदवार श्रीमती शालिनी गुप्ता को 15300 मतों पर ही संतोष करना पडा था !
अब पालिका चुनाव का तीसरा दौर सर पर है, और कई युवा क्रान्तिकारी चेहरे अभी से पालिकाध्यक्ष के चुनावी रण में उतरने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं लेकिन यह तो वक्त बताऐगा कि जब मतदान होगा उस दिन जनता जनार्दन क्या निर्णय करती है ! बहराहल अपने दो बार के स्वर्णिम कार्यकाल में राकेश गांधी एवं श्रीमती मीरा गांधी द्वारा शहर के प्रत्येक गली मुहल्ले में इन्टरलाकिगं सहित पानी निकासी के लिए नाले व नालियों का निर्माण , वर्षो से निचले स्तर पर रही पुलियों को उंचा कराया एवं साढे तीन सौ करोड की सीवर लाइन परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी कराकर कार्य युद्दस्तर पर प्रारम्भ करवाने में महती भूमिका का निर्वहन किया ! इसके साथ ही भारत सरकार के केन्द्रीय सडक मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर नगर को जाम से फ्री करने के लिए वाई पास स्वीक्रत कराया व नगर को जगमग करने के लिए 12.500 लाइटों को विधुत खम्भो पर लगवाया, नगर मे स्वकर प्रणाली लागू करवाते हुऐ पालिका में वर्षो से लंबित मुकदमों का निस्तारण कराया ! नगर के शमशानघाट व कब्रिस्तान तथा पार्को का सोन्दर्यीकरण कराते हुए चौराहों पर विभिन्न प्रतिमाओ को स्थापित कर उसे सौन्दर्यपरक स्वरूप प्रदान किया गया तथा देहली के जतंर मतंर पर धरना देते हुए तत्कालीन केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा को ञापन देकर मेडीकल कालेज तथा केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु से मिलकर एटा से कासगंज रेलवे लाइन को जोडने की पहल की ! इसी तरह जगह जगह शौचालय, डलाबघर, शुद्द पेयजल हेतु अनगिनत हैन्डपंपो की स्थापना करते हुए तमाम मुख्य मार्गो का सी सी निर्माण कराया गया है ! सीवर लाइन परियोजना के चलते नगर के अन्दर खराब हुई सडकों व गलियों को दुरूस्त करने के लिए राकेश गांधी द्वारा मौन व्रत धरना किऐ जाने के पश्चात जलनिगम द्वारा जून माह के आखिरी सप्ताह तक कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया है ! ऐसे अनेकानेक विकास कार्य हो जमीनी धरातल पर किऐ गए हैं जो आइने में साफ नजर आ रहे हैं !