नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा आयुध निर्माण के निगमीकरण के फैसले का तीनों फेडरेशन BPMS, INDWF और AIDEF ने विरोध दर्ज कराया है. तीनों फेडरेशन ने रक्षा मंत्री को एक पत्र लिखकर फैसले को वापस लेने की मांग की है. फेडरेशनों की मांग है कि अगर सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो 82 हजार कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर हो जाएंगे. रक्षा मंत्री को लिखे पत्र के मुताबिक देश के सभी 41आयुध कारखानों और उसके मुख्यालय में काम करने वाले 82 हजार कर्मचारी वित्त मंत्री के निगमीकरण के ऐलान से बहुत हैरान हैं. उनके मुताबिक यह समझ से पर है कि आयुध कारखानों का निगमीकरण कैसे COVID-19 राहत पैकेज का हिस्सा बन गया ? पूर्व में मान्यता प्राप्त तीनों फेडरेशनों और भारत सरकार के साथ लिखित समझौते हैं कि आयुध कारखानों को कॉरपोरेटाइज नहीं किया जाएगा. इन सभी समझौतों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है और इनका उल्लंघन किया जा रहा है.