
शर्मनाक
MCH विंग डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल सिद्धार्थनगर की आपराधिक लापरवाही: ऑक्सीजन की किल्लत से कोरोना के चार मरीजों ने दम तोड़ा, ऑक्सीजन की किल्लत से कोरोना मरीजों के दम तोड़ने का सिलसिला कायम रहना जनपद में अव्यवस्था के अराजकता की हद तक पहुंचने की कहानी कह रहा है।
ऑक्सीजन संकट के मामले में यह देखना हैरान-परेशान करता है कि तमाम बड़े अस्पतालों ने भी न तो ऑक्सीजन प्लांट लगा रखे हैं और न ही उसके भंडारण की कोई ठोस व्यवस्था कर रखी है। वे चंद ऑक्सीजन सिलेंडर रखते हैं, जो संकट के इस दौर में जल्द ही खत्म होने लगते हैं। यही कारण है कि वे रह-रह कर ऑक्सीजन की कमी की गुहार लगाते दिखते हैं। यह और कुछ नहीं, अस्पतालों की आपराधिक लापरवाही ही है। सवाल है कि ऐसा कोई तंत्र क्यों नहीं, जो इसकी निगरानी करता हो कि अस्पताल जरूरी संसाधनों से लैस हैं या नहीं? उत्तर प्रदेश के स्वास्थ मंत्री जी के गृह जनपद की यदि यह स्थिति है तो आप कल्पना कर सकते हैं कि प्रदेश में किस प्रकार का संकट होगा…!!