
ओपीडी में चैनल बंद कर हो रही जांच, लोगों को हो रही परेशानी
~चैनल के पास नाक मुंह ले जाने पर अंदर से ही की जाती जांच बुजुर्गों के लिए सीढि़यों पर खड़े होकर जांच कराना होता है मुश्किल भरा~
एटा: जिला अस्पताल की ओपीडी में अंदर से चैनल बंद कर जांच की जा रही है, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों को होती है क्योंकि सीढि़यों पर खड़े होकर जांच कराना उनके लिए मुश्किल भरा होता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी लोगों की इस परेशानी को नहीं समझ रहे।
जिला अस्पताल में कोविड सेंटर बनाया गया था, जहां कतारबद्ध खड़े लोगों की जांच कराई जाती थी। देखने में यह आया कि शारीरिक दूरी का पालन वहां नहीं हो पा रहा था। इस वजह से जिलाधिकारी के निर्देश पर ओपीडी में जांच की व्यवस्था की गई, लेकिन ओपीडी का आलम यह है कि दोनों गेट बंद कर लिए जाते हैं और कर्मचारी अंदर रहते हैं। चैनल के पास नाक, मुंह ले जाने पर अंदर से ही जांच की जाती है। सबसे ज्यादा कठिनाई बुजुर्ग लोगों को होती है। सीढि़यों पर खड़ा होना उनके लिए मुश्किल होता है। इसके अलावा अन्य कोविड सेंटरों पर भी जांचें की जा रही हैं, लेकिन आरटीपीसीआर जांच ही अधिक हो रही हैं। रेपिड एक्शन एंटीजन किट की कमी है, इसलिए कर्मचारी हाथ खड़े कर देते हैं और आरटीपीसीआर जांच पर ही जोर देते हैं। सबसे बड़ी कमी यह है कि आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट चार-पांच दिन में भी नहीं आ पाती और लोग पाजिटिव होते हुए भी चार-पांच दिन तक इलाज के लिए इंतजार करते हैं। यह स्थिति वाकई भयावह है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। रोडवेज बस स्टैंड पर एंटीजन जांच नहीं हो पा रही, इस वजह से यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। सोमवार को तो दोपहर 12 बजे तक जांच भी शुरू नहीं हो पाई।