मोदी सरकार ने देश में जिसतरह से कोरोना की स्थिति को हैंडल किया उसकी अब पूरे विश्व में थू थू हो रही है……विश्व के प्रमुख मीडिया हाउस से आई रिपोर्ट को बीबीसी ने कवर किया है। …….

‘अस्पताल में व्यवस्था चरमराने की कगार पर हैं और भारत में बीते 24 घंटों में 314,835 मामले पाए गए हैं, जो कोरोना महामारी शुरू होने के बाद किसी भी देश में सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.’ भारत में सोशल मीडिया पर मदद मांग रहे लोगों की बाढ़ आई हुई है, कोई अपने प्रियजनों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर ढूँढ रहा है, तो कोई अस्पताल के बेड का बंदोबस्त कर रहा है.
“वायरस ग़ायब हो गया है. यह ग़लत तरीक़े से समझते हुए सुरक्षा उपायों में बहुत जल्दी ढील दे दी गई. शादियों और बड़े त्योहारों को आयोजित करने की अनुमति थी और मोदी स्थानीय चुनावों में भीड़ भरी चुनावी रैलियाँ कर रहे थे.”
-गार्डियन अख़बार
“सर्दियों के दौरान जब वायरस नियंत्रित दिख रहा था, तब भारत निश्चिंत हो गया था और शादियों और त्योहारों जैसे बड़े कार्यक्रमों की अनुमति दे दी गई थी.”
“स्थानीय चुनावों में भीड़ भरी रैलियों को संबोधित करने और हिंदू त्योहार, जिसमें लाखों लोग इकट्ठा होते हैं उसकी अनुमति देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ख़ुद आलोचना का सामना कर रहे हैं.” “बहुत सारे अस्पतालों ने बेड और दवा कम पड़ने की शिकायत की है, जबकि ऑक्सीजन की कमी ख़तरनाक स्तर तक पहुँच गई है.”
- अल जज़ीरा
“लॉकडाउन, कड़े प्रतिबंधों के कारण नई दिल्ली और दूसरे शहरों में कई लोगों को डर, दुख और यातना का सामना करना पड़ रहा है.”
- समाचार एजेंसी एपी
“सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को लेकर टीवी पर प्रसारित दृश्यों में दिख रहा है कि ख़ाली सिलेंडरों को भरवाने के लिए भीड़ इकट्ठा है, वे अस्पतालों में किसी भी तरह अपने परिजनों को बचाना चाहते हैं.”
- पाकिस्तानी अख़बार डॉन
यह लेख एक गुर्प के सौजन्य से लिया है शान समाचार इस की सत्यता की पुष्टी नही करता